जयपुर
राजधानी जयपुर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब बड़े बदलाव की ओर है। जेसीटीएसएल ने शहर को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों वाले नेटवर्क में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। योजना के अनुसार अगले साल जुलाई तक जयपुर की सड़कों पर करीब 1000 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। वर्तमान में जेसीटीएसएल करीब 200 डीजल बसें चला रहा है, जिनमें से कुछ की वैधता 2028 तक है। इसके बाद नई डीजल बसें नहीं खरीदी जाएंगी। यानी आने वाले वर्षों में जयपुर का सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बदल जाएगा।

फिलहाल, 200 बसें होने के कारण सेवा जयपुर के मुख्य मार्गों तक सीमित है। 1000 ईबसों का बेड़ा तैयार होने के बाद आगरा रोड, अजमेर रोड, जगतपुरा, दिल्ली रोड, पृथ्वीराज नगर, सीकर रोड और आसपास के इलाकों तक भी नियमित बस सेवा पहुंचेगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी।
विशेषज्ञों की राय
जयपुर की आबादी और जरूरतों को देखते हुए शहर को करीब 2200 बसों की आवश्यकता है। फिलहाल हजार ईबसों के साथ सार्वजनिक परिवहन में बड़ा विस्तार होगा। जयपुर को स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहरी परिवहन की दिशा में आगे ले जाएगा।
प्रदूषण घटेगा, सफर होगा आरामदायक
डीजल बसों से होने वाले धुएं और कार्बन उत्सर्जन में कमी।
वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।
ईबसें कम शोर करती हैं, ध्वनि प्रदूषण घटेगा।
यात्रियों को वातानुकूलित, आधुनिक और आरामदायक सफर मिलेगा।
संचालन लागत कम होने से नेटवर्क विस्तार में मदद।
प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ रही है
पीएम ईबस सेवा योजना के तहत जून से आपूर्ति शुरू हो चुकी है। पहले चरण में 150 ईबसें अगस्त तक पहुंचेंगी। दूसरे चरण में 300 बसें मिलेंगी । कुल 450 ईबसें पीएम योजना से मिलेंगी। 450 नई ईबसों के लिए टेंडर जारी, राज्य सरकार की बजट घोषणा से 50 अतिरिक्त बसें। अगले साल जुलाई तक बेड़े में करीब 1000 ईबसें होंगी।
बेहतर, सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल परिवहन
जयपुर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। पीएम ईबस सेवा योजना, राज्य सरकार और जेसीटीएसएल की खरीद के बाद करीब एक हजार इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध होंगी। इससे शहर के अधिक क्षेत्रों तक बस सेवा का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर, सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल परिवहन मिलेगा।
नारायण सिंह, प्रबंध निदेशक, जेसीटीएसएल



