Ghaziabad Pink Booth Police Negligence: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। बिहार के सीवान जिले के रहने वाले 22 वर्षीय राजकुमार की गंभीर रूप से घायल होने के बाद समय पर इलाज न मिलने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि किराये को लेकर एक ऑटो चालक से विवाद के दौरान राजकुमार के हाथ में गंभीर चोट लग गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा।

जान बचाने की उम्मीद में वह संजयनगर सेक्टर23 स्थित पिंक बूथ पहुंचा और मदद की गुहार लगाई। आरोप है कि बूथ का मुख्य गेट बंद था और अंदर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने आवाज सुनने के बावजूद दरवाजा नहीं खोला। परिजनों के मुताबिक, करीब 40 मिनट बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही राजकुमार ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और आपात स्थिति में शीघ्र सहायता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
40 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस
आपको बता दें की मृतक राजकुमार पिंक बुथ पर करीब 40 मिनट तक अपनी जान बचाने की पुलिस से गुहार लगाता रहा, लेकिन बूथ के अंदर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने दरवाजा नहीं खोला। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनो ने कहा कि अगर राजकुमार को सही समय पर ले जाया गया होता तो शायद उसकी मौत नहीं होती, आज वह हमारे सामने होता।
ऑटो चालक से विवाद के बाद युवक घायल
इस मामले पर उपासना पांडेय ने बताया कि मधुबन बापूधाम के पास ऑटो चालक ने एक सवारी को बैठाया था। ऑटो चालक और सवारी दोनो ही नशे की हालत में थे। ऑटो के पैसे के लेन देन को लेकर दोनो में कहा सूनी हो गई। इसेक बाद दोनो पिंक बूथ पर जा पहुंचे वहीं एकय युवक बूथ के गेट पर हाथ मारा, जिससे उसकी हाथ में कांच धस गया। इससे कांच उसकी हाथों की नसें कट गई, और अधिक रक्तस्त्राव होने लगा। जिसके बाद उसे अस्पलात ते जाया गया, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई।


