उत्तरपश्चिम भारत, राजस्थान और गुजरात में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा मानसून 20 जुलाई से एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। इसके चलते आगामी दिनों में कई राज्यों में झमाझम बारिश होने का अनुमान है।

18 राज्यों के लिए बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 14 जुलाई के लिए देशभर में अलगअलग स्तर की चेतावनियां जारी की हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार सहित 18 राज्यों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, सिक्किम और हिमालय से सटे पश्चिम बंगाल के कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा जम्मूकश्मीर, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है। दूसरी ओर, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पाकिस्तान से लगे गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों में लू चलने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश का पूर्वानुमान
उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में मंगलवार को बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें आठ जिलों में अत्यधिक भारी और पांच जिलों में भारी बारिश की आशंका है। हाल के दिनों में गोरखपुर में 168 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। प्रदेश में 1 जून से अब तक 158.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 17 प्रतिशत कम है।
बिहार में 27 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक राज्य में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस मानसून सीजन में बिहार में अब तक सामान्य से 47 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
छत्तीसगढ़ में लगातार सक्रिय रहेगा मानसून
छत्तीसगढ़ में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, रायपुर सहित राज्य के उत्तरी हिस्से के कई जिलों में अगले पांच दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। राज्य में इस सीजन में अब तक 252.4 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य औसत 320.6 मिमी है। यानी अब तक करीब 21 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
उत्तराखंड में बारिश से बढ़ीं मुश्किलें
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन से ऋषिकेशयमुनोत्री हाईवे समेत दो राष्ट्रीय राजमार्ग और 126 अन्य सड़कें बंद हो गई हैं। विकासनगर में लखवाड़ प्रोजेक्ट के पास भारी मलबा गिरने से कई मशीनें दब गईं। हालात को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था।
राजस्थान में फिलहाल शुष्क रहेगा मौसम
राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्य में व्यापक बारिश की संभावना कम है। बीकानेर और जोधपुर संभाग में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधियां चल सकती हैं। हालांकि, 14 और 15 जुलाई को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में भी अगले पांच से छह दिनों तक मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।



