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डायबिटीज के मरीजों के लिए शुगर कंट्रोल करना एक मुश्किल काम है। कभी फास्टिंग शुगर बढ़ता है तो कभी फास्टिंग के बाद वाला शुगर लेवल। अगर आप भी बार-बार बढ़ते ब्लड शुगर लेवल से परेशान हैं, तो रसोई में मौजूद एक साधारण मसाला ‘सौंफ’ आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। रात को सोने से पहले सिर्फ एक चम्मच सौंफ चबाने से शुगर लेवल संतुलित रखने में मदद मिल सकती है और सेहत को कई और लाभ भी मिलते हैं।
सोने से पहले डायबिटीज में सौंफ चबाने के फायदे:
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शुगर कंट्रोल करने में मददगार: डायबिटीज के मरीजों के लिए सोने से पहले सौंफ चबाना शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कि शुगर मेटाबोलिज्म में सहायक होते हैं। इसके अलावा इसके फाइटोकेमिकल्स इंसुलिन के प्रोडक्शन को बढ़ाने में मदद करते हैं जिससे ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इस प्रकार से ये शुगर कम करने में मदद करता है।
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डायबिटीज में कब्ज की समस्या से बचाता है: डायबिटीज में सौंफ चबाना कब्ज की समस्या से बचाता है। दरअसल, डायबिटीज में कब्ज होना शुगर बढ़ाने का काम करता है। ऐसे में सौंफ पेट के मेटाबोलिक रेट को बढ़ाता है और बॉवेल मूवमेंट में तेजी लाता है। ये मल में थोक जोड़ने का काम करता है जिससे मल त्याग आसान होता है और कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।
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डायबिटिक रेटिनोपैथी से बचाता है: मुट्ठी भर सौंफ के बीज आपकी आंखों के लिए चमत्कार कर सकते हैं। इसमें विटामिन ए होता है जो आंखों के लिए जरूरी विटामिन है। सौंफ के बीज का अर्क ग्लूकोमा से भी बचाता है। डायबिटीज में सौंफ चबाना रैटिनोपैथी की समस्या के जोखिम को कम करने में मदद करता है। तो, इन तमाम कारणों से आपको डायबिटीज में सौंफ खाना और चबाना चाहिए।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Satya Report किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)




