Prayagraj GDDP Growth During Mahakumbh 2025: महाकुंभ2025 के सफल आयोजन का असर अब प्रयागराज की अर्थव्यवस्था के आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। जिले की सकल जिला घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 202425 में जीडीडीपी में 28.9 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में करीब 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

प्रशासन का मानना है कि महाकुंभ के दौरान पर्यटन, व्यापार, परिवहन, होटल, खानपान और सेवा क्षेत्र में आई तेजी ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है। यह जानकारी मंगलवार को संगम सभागार में उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की समीक्षा बैठक में साझा की गई।
74,806 से 96,456 करोड़ रुपये पहुंचा सकल जिला घरेलू उत्पाद
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 202324 में प्रयागराज का सकल जिला घरेलू उत्पाद 74,806 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 202425 में बढ़कर 96,456 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी अवधि में जिले की प्रति व्यक्ति आय 91,906 रुपये से बढ़कर 1,16,895 रुपये हो गई, जो लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि जिले की आर्थिक प्रगति में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का रहा है।
जीडीडीपी में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 59.96 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि औद्योगिक क्षेत्र का योगदान 27.22 प्रतिशत और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का योगदान 12.82 प्रतिशत रहा। अधिकारियों ने इसे जिले के बदलते आर्थिक स्वरूप का संकेत बताया।
निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास पर विशेष जोर
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निवेश, रोजगार सृजन, और सेवा क्षेत्र के विस्तार पर विशेष जोर देने को कहा गया, ताकि प्रयागराज की विकास गति बनी रहे।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि महाकुंभ के बाद बढ़ी आर्थिक गतिविधियां, नए निवेश और पर्यटन की निरंतर बढ़ती संभावनाएं आने वाले वर्षों में भी जिले की प्रति व्यक्ति आय और जीडीडीपी में निरंतर वृद्धि का आधार बनेंगी। इससे प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रमुख जिलों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।



