UPTET OMR Sheet Error: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में ओएमआर शीट भरने में हुई छोटीसी चूक अब हजारों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट में निर्धारित निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं किया है, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।

आयोग का कहना है कि ओएमआर शीट का मूल्यांकन पूरी तरह स्कैनिंग प्रणाली से होता है, इसलिए इसमें मानवीय हस्तक्षेप संभव नहीं है।
विशेषज्ञों से कराई जाएगी आपत्तियों की जांच
आयोग ने 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के 60 जिलों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा आयोजित कराई थी। परीक्षा के बाद अंतिम उत्तरकुंजी जारी करते हुए आयोग ने 8 से 14 जुलाई तक अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तरों पर साक्ष्य सहित ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया था। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने उत्तरों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं, जिनकी जांच विषय विशेषज्ञों से कराई जाएगी।
त्रुटियों को लेकर आयोग कार्यालय पहुंचें शिक्षक अभ्यर्थी
इसी बीच बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी ओएमआर शीट भरने में हुई त्रुटियों को लेकर आयोग कार्यालय पहुंच गए। इनमें बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में वर्षों से कार्यरत वे शिक्षक भी शामिल हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद टीईटी परीक्षा में हिस्सा लिया था। अभ्यर्थियों ने आयोग से अपनी त्रुटियों में सुधार का अवसर देने की मांग करते हुए ऑफलाइन आवेदन भी जमा किए।
अभ्यर्थियों ने आयोग से की राहत की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ कॉलम अनजाने में छूट गए, कुछ स्थानों पर गोला सही तरीके से नहीं भरा जा सका, जबकि कुछ उम्मीदवारों से विषय चयन अथवा भाषा2 संबंधी कॉलम भरने में गलती हो गई। कई अभ्यर्थियों ने इन त्रुटियों को तकनीकी भूल बताते हुए आयोग से राहत की मांग की।
स्कैनर से किया जाएगा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
मामले में आयोग के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने अभ्यर्थियों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि भरने के संबंध में सभी आवश्यक निर्देश परीक्षा से पहले ही उपलब्ध करा दिए गए थे। उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्कैनर के माध्यम से किया जाएगा और इस प्रक्रिया में किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। ऐसे में जिन ओएमआर शीट में आवश्यक जानकारी अधूरी है या निर्धारित प्रारूप के अनुरूप नहीं भरी गई है, उनका मूल्यांकन नियमों के तहत संभव नहीं होगा।
के इस रुख के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों में निराशा है। अब उनकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आयोग भविष्य में किसी विशेष परिस्थिति में राहत देने पर विचार करता है या नहीं। फिलहाल आयोग ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट संकेत दे दिया है कि ओएमआर शीट में हुई लापरवाही का खामियाजा अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ सकता है।



