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38 साल पुराना टीवी शो, ‘रामायण’ जितनी तगड़ी फैन फॉलोइंग

38 साल पुराना टीवी शो, ‘रामायण’ जितनी तगड़ी फैन फॉलोइंग

1980 और 1990 का दशक भारतीय टेलीविजन का स्वर्णिम दौर माना जाता है। उस समय के टीवी शोज़ में दिखावे की चमक नहीं, बल्कि सादगी और भावनात्मक गहराई होती थी। कहानियां आम लोगों की जिंदगी, पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक मूल्यों और नैतिकता के इर्द-गिर्द बुनी जाती थीं। कलाकारों का अभिनय इतना सहज और स्वाभाविक होता था कि दर्शक खुद को उन किरदारों में देखने लगते थे। हर एपिसोड के बाद घरों में उसी कहानी पर चर्चा होती थी और अगले हफ्ते के एपिसोड का बेसब्री से इंतजार किया जाता था। यही कारण है कि दूरदर्शन के कई शोज आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर बार-बार देखे जाते हैं।
ऐसे ही यादगार शोज में से एक है ‘महाभारत’, जो आज से करीब 38 साल पहले टीवी पर आया था। यह शो दूरदर्शन के इतिहास का एक अहम और अविस्मरणीय हिस्सा बन गया। ‘महाभारत’ का निर्माण बी. आर. चोपड़ा ने किया था और इसका निर्देशन रवि चोपड़ा ने किया। शो की शुरुआत 2 अक्टूबर 1988 को हुई थी और यह 24 जून 1990 तक चला। कुल 94 एपिसोड्स वाले इस धारावाहिक ने उस दौर में लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
‘महाभारत’ की सबसे बड़ी खासियत इसके दमदार और प्रभावशाली किरदार थे। नितीश भारद्वाज ने भगवान श्रीकृष्ण का किरदार निभाया, जिसे आज भी सबसे श्रेष्ठ कृष्ण चित्रण माना जाता है। मुकेश खन्ना ने भीष्म पितामह की भूमिका में अपनी गहरी छाप छोड़ी। रूपा गांगुली द्रौपदी के रूप में दर्शकों के दिलों में बस गईं। वहीं पंकज धीर (कर्ण), गजेंद्र चौहान (युधिष्ठिर), फिरोज खान (अर्जुन), पुनीत इस्सर (दुर्योधन) और नाजनीन (कुंती) जैसे कलाकार आज भी अपने-अपने किरदारों के नाम से पहचाने जाते हैं।
इस शो की कहानी कुरु वंश, पांडवों और कौरवों के संघर्ष तथा धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई पर आधारित थी। हर किरदार अपने साथ एक नैतिक संदेश और जीवन की सीख लेकर आता था। शो में हरीश भीमानी की आवाज़ में गूंजता “मैं समय हूं” आज भी दर्शकों के ज़ेहन में ताज़ा है, जिसने पूरी कथा को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। महेंद्र कपूर द्वारा कंपोज किया गया संगीत शो की भव्यता और भावनात्मक प्रभाव को और गहरा करता था।
1987 में आए ‘रामायण’ के बाद ‘महाभारत’ ने TRP के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। हर रविवार सुबह सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था, क्योंकि लोग अपने घरों में टीवी के सामने बैठ जाते थे। बच्चे, युवा और बुजुर्ग, हर उम्र के लोग इस शो से जुड़े हुए थे। IMDb पर 8.9 की रेटिंग इस बात का सबूत है कि यह शो आज भी कितना पसंद किया जाता है।
आज भी ‘महाभारत’ की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। ZEE5 और YouTube जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसे बड़े पैमाने पर देखा जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी भी इस महान गाथा से जुड़ पा रही है। रीटेलीकास्ट के दौरान भी दर्शकों ने इसे उसी उत्साह के साथ देखा। ‘महाभारत’ केवल एक टीवी शो नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सोच का जीवंत आईना बन चुका है।

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