
कभी-कभी एक छोटी-सी सूचना ऐसे राज से पर्दा उठा देती है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती। उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आया यह मामला भी कुछ ऐसा ही है, जहां एक पड़ोसी के फोन ने पुलिस को एक संदिग्ध मौत की जांच तक पहुंचा दिया।
बताया जा रहा है कि भावनपुर थाना क्षेत्र की एक सोसाइटी में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी की अचानक मौत हो गई। आरोप है कि परिवार ने बिना रिश्तेदारों को सूचना दिए सुबह-सुबह उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। लेकिन इसी बीच एक पड़ोसी ने लड़की के मामा को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दे दी।
फोन मिलते ही मामा तुरंत मेरठ पहुंचे, लेकिन तब तक अंतिम संस्कार किया जा चुका था। उन्हें पूरी घटना संदिग्ध लगी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
जांच के दौरान सामने आया कि किशोरी अपने पिता, सौतेली मां और छोटे भाई के साथ रह रही थी। उसकी मां की कई वर्ष पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी थी, जिसके कुछ समय बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली थी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने किशोरी के पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने अलग-अलग वजहें बताईं। वहीं सौतेली मां ने भी शुरुआती पूछताछ में बीमारी से मौत होने की बात कही।
हालांकि पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला सामान्य मौत का नहीं लग रहा। जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि परिवार के भीतर संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोप है कि किशोरी को पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलने की संभावना को लेकर परिवार में तनाव था। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
मामले में मृतका के मामा की शिकायत के आधार पर पिता और सौतेली मां के खिलाफ हत्या तथा साक्ष्य मिटाने सहित अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सौतेली मां की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि किसी भी संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई दोषी हो तो उसे कानून के अनुसार सजा मिल सके।



