Shiv Sena Namaz Ban Demand: सावन माह शुरू होते ही वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर को लेकर एक बार फिर नया विवाद सामने आया है। शिवसेना की स्थानीय इकाई ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन को पत्र लिखकर सावन के पूरे महीने ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर रोक लगाने की मांग की है।

भगवान शिव के भक्तों की भावनाओं का हो सम्मान
शिवसेना की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जिस प्रकार शृंगार गौरी में वर्ष में एक दिन पूजा की अनुमति दी जाती है, उसी तर्ज पर सावन के दौरान भगवान शिव के भक्तों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए ज्ञानवापी परिसर में एक माह तक नमाज पर रोक लगाई जानी चाहिए।
पत्र में यह भी दावा किया गया है कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शनपूजन के लिए पहुंचते हैं और इस दौरान कुछ नमाजी श्रद्धालुओं को चिढ़ाने या उकसाने का प्रयास करते हैं, जिससे धार्मिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी आधार पर शिवसेना ने प्रशासन से सुरक्षा, कानूनव्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
जिला प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
हालांकि, इस मांग पर या जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पत्र पर कोई प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
गौरतलब है कि ज्ञानवापी परिसर से जुड़े मामले पहले से ही विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं और परिसर की व्यवस्था न्यायालय के निर्देशों तथा प्रशासनिक प्रोटोकॉल के अनुसार संचालित होती है। ऐसे में शिवसेना की इस मांग के बाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब सभी की निगाहें मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।



