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हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद…CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, कहा- जो बिजनौर आने से बचते थे, वही थे अपशगुन

CM Yogi Bijnor Speech: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में सीएम योगी द्वारा दिया गया यह बयान कि “हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है, सियासी रूप से काफी चर्चा में है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को बिजनौर एवं चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों में 1003 करोड रुपए से अधिक लागत की 76 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिन लोगों को दंगायुक्त, गुंडायुक्त और माफियाराज वाला बिजनौर चाहिए था, वे बांटने वाले लोग हैं, जिन्हें जिन्ना पसंद हैं। लेकिन हमें जिन्ना नहीं, हमें गन्ना पसंद है। इसी सोच के साथ सरकार ने गन्ना किसानों का मूल्य बढ़ाया है और प्रदेश को अपराध, दंगा, कर्फ्यू व माफिया से मुक्त बनाया है।

हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद…CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, कहा- जो बिजनौर आने से बचते थे, वही थे अपशगुन
हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद…CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, कहा- जो बिजनौर आने से बचते थे, वही थे अपशगुन

आज प्रदेश में बेटियां सुरक्षित

उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें अपराध व उपद्रव पर नियंत्रण नहीं कर पाती थीं, इसलिए कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों पर रोक लगा दी जाती थी। अब कानूनव्यवस्था मजबूत होने के कारण ये सभी धार्मिक आयोजन धूमधाम से संपन्न हो रहे हैं।

आज प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं, व्यापारी निर्भय होकर कारोबार कर रहे हैं और किसान बिना डर के अपने खेतों में जा रहे हैं। बिजनौर का तेजी से हो रहा विकास जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का परिणाम है। सांसद और विधायक लगातार लखनऊ और दिल्ली में जनपद की विकास योजनाओं की पैरवी करते हैं, जिसके चलते विकास कार्य तेजी से जमीन पर उतर रहे हैं।

पहले बिजनौर आने से बचते थे मुख्यमंत्री

योगी ने कहा कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री बिजनौर आने से बचते थे और इसे अपशकुन मानते थे। दरअसल, वह स्वयं अपशकुन थे, इसलिए बिजनौर उन्हें स्वीकार नहीं करता था। जिस धरती पर भगवान श्रीकृष्ण महात्मा विदुर के घर साग खाने आए हों और जहां मां गंगा का पावन सानिध्य प्राप्त होता हो, उस पवित्र भूमि पर आने से कोई कैसे मना कर सकता है। आज बिजनौर विकास की नई पहचान बन चुका है।

जनपद में हाईवे, रेलवे, मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है। अब विकास का पैमाना लखनऊ नहीं, बल्कि जनता द्वारा चुने गए सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि तय करते हैं। बिजनौर की समृद्धि, किसानों की मेहनत, युवाओं की ऊर्जा, व्यापारियों के नवाचार और नगीना के कारीगरों की उद्यमशीलता जनपद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।

पहले व्यापारी भय के साये में जीते थे

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो विकास कार्य आज हो रहे हैं, वे 2017 से पहले भी हो सकते थे, लेकिन उस समय इच्छाशक्ति का अभाव था। जनप्रतिनिधियों ने मुझसे कहा था कि गन्ना मूल्य 400 रुपये तक हो जाए तो अच्छा रहेगा। मैंने कहा, चिंता मत करिए, हम 400 रुपये ही कर देंगे। 2017 से पहले गन्ना किसानों को 1010 वर्षों तक भुगतान नहीं मिलता था, नई गन्ना किस्में उपलब्ध नहीं कराई जाती थीं, किसान परेशान था, नौजवान पलायन कर रहा था और व्यापारी भय के साये में जीने को मजबूर थे।

वर्ष 2016 में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए के एक डिप्टी एसपी और उनकी पत्नी की बिजनौर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जो उस समय की कानूनव्यवस्था की स्थिति दर्शाता है। उस दौर में माफिया व अपराधियों का बोलबाला था, जबकि आज सरकार के संकल्प के अनुरूप बिजनौर माफिया व अपराध से मुक्त होकर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कांग्रेस पर लगाया देश विभाजन का आरोप

मुख्यमंत्री ने पर देश विभाजन का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक खामियाजा विस्थापित सिख व हिंदू परिवारों को उठाना पड़ा। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं व दलितों पर हो रहे अत्याचारों का भी उल्लेख किया। सीएम ने बाबा साहेब डॉ। भीमराव अंबेडकर और योगेंद्र नाथ मंडल का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने देशसमाज के हित में काम किया, जबकि योगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान चले गए और बाद में उन्हें लौटना भी पड़ा। आज भी कुछ लोग नाम बाबा साहब का लेकर काम योगेंद्र नाथ मंडल वाला कर रहे हैं। कुछ राजनीतिक दल जाति के नाम पर समाज को बांटने और सामाजिक तानेबाने को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी प्रवृत्तियों से सतर्क रहने की जरूरत है।

जानकारों का कहना है कि पश्चिमी जहां का सियासी समीकरण जाट, जाटव और अल्पसंख्यकों पर निर्भर है और भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावन का ताल्लुक भी यहीं से है और वह नगीना सीट से सांसद हैं। इसके अलावा गन्ना यहां के किसानों की प्रमुख खेती है। उत्तराखंड से सटा यह जिला कांवड़ यात्रियों के मार्ग का हिस्सा है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव सी पहले दिया गया उनका यह भाषण उनकी आगे की सियासी रणनीति पर केंद्रित रहा।

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