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हाईवे और एक्सप्रेस-वे में क्या है अंतर? 5 बड़े फर्क जो बहुत कम लोग हैं जानते

पहला अंतर… भारत में करीब 600 नेशनल हाईवे हैं और 44 एक्‍सप्रेसवे. आमतौर पर लोग इन्‍हें एक जैसा ही समझते हैं, लेकिन तकनीकी तौर पर इनमें कई अंतर हैं. सबसे बड़ा अंतर है एक्‍सेस कंट्रोल का. यानी हाईवे पर कहीं भी बीच रास्‍ते में गाड़ी को चढ़ाना और उतारना आसान है, लेकिन एक्‍सप्रेसवे पूरी तरह से कंट्रोल्‍ड होते हैं. इनमें तय एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स से ही गाड़‍ियां आती हैं और जा सकती हैं. यह तस्‍वीर हाईवे की है.

हाईवे और एक्सप्रेस-वे में क्या है अंतर? 5 बड़े फर्क जो बहुत कम लोग हैं जानते

दूसरा अंतर… लाइन का अंतर भी इन्‍हें अलग करता है. हाईवे पर आमतौर पर 2 से 4 लेन होती हैं. ये गांव, कस्‍बों और शहरों को जोड़ती हैं. हाईवे अक्‍सर घनी आबादी वाले रास्‍ते से होकर गुजरते हैं. चौराहे, मोड़ के साथ इनके रास्‍ते में रुकावटें आ सकती हैं. वहीं, एक्‍सप्रेसवे को खासतौर पर तेज रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है, जहां रास्‍ते में बाधाएं न हों. इनमें से 6 से 8 लाइनें होती हैं. यह तस्‍वीर एक्‍सप्रेसवे की होती है.

तीसरा अंतर… बनावट और मजबूती की तुलना करें तो एक्‍सप्रेसवे की बनावट और मजबूती हाईवे से ज्‍यादा बेहतर होती है. एक्‍सप्रेसवे में रुकावट न होने के कारण इसे डिजाइन ही तेज गति के लिए किया जाता है. इसलिए यहां स्‍पीड लिमिट भी ज्‍यादा रखी जाती है. वहीं, नेशनल हाईवे पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नियमों के मुताबिक अधिकतम रफ्तार सीमा आमतौर पर कम रखी जाती है, क्योंकि इन पर स्थानीय ट्रैफिक, पैदल यात्री और छोटे वाहन भी चलते हैं.

चौथा अंतर… दोनों को बनाने के मकसद में भी बारीक सा अंतर है. हाईवे के निर्माण का उद्देश्‍य दूरदराज के इलाकों, गांवों और शहरों को आपस में जोड़ना है ताकि‍ आम जनता की रोजमर्रा की आवाजाही को आसान बना सकें. वहीं, एक्‍सप्रेसवे दो बड़े शहरों के बीच की दूरी को कम करने के लिए बनाए जाते हैं. यानी लम्‍बी दूरी को कम समय में तय करने के लिए. यह तस्‍वीर मुंबईपुणे एक्‍सप्रेसवे की है.

पांचवा अंतर… इनकी संख्‍या का अंतर भी फर्क पैदा करता है. भारत में करीब 600 नेशनल हाईवे हैं और 44 एक्‍सप्रेसवे. इस तरह देश में हाईवे का नेटवर्क बेहद बड़ा है. देश का सबसे लंबा नेशनल हाईवे NH 44 है, जो श्रीनगर से कन्याकुमारी तक जाता है. लेकिन एक बात साफ है कि देश में बढ़ रहे हाईवे और एक्‍सप्रेसवे सफर को आसान जरूर बना रहे हैं.

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