Mathura Krishna Janmabhoomi: मथुरा के राधाकुण्ड रोड स्थिति जुलहेंदी गाँव चित्रगुप्त पीठाधीश्वर के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने जहाँ श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए 9 अगस्त को कार सेवा की घोषणा की है और शाही ईदगाह को विवादित ढांचा का बयान जारी किया है, वहीं उसके बाद से ही प्रशासन की ओर से लगातार उन्हें वेबजह कानूनी नोटिस जारी किए गये है।

पहले गोवर्धन थाना पुलिस ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किये और अब अब. श्री कृष्ण जन्म भूमि इलाके वाले थाना गोविंद नगर पुलिस की आख्या पर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से उन्हें 2020 हजार रुपये के दो जमानतदारों के साथ एवम उठने का ही निजी मुचलका दाखिल कर उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया है।
बैक डेट में सम्मन रिसीव कराने का आरोप
स्वामी सच्चिदानंद महाराज का आरोप है कि नोटिस पर 13 जुलाई की तिथि अंकित है। जिला प्रशासन ने उन्हें बैक डेट में सम्मन रिसीव कराया है जबकी उन्हें यह 17 जुलाई को प्राप्त हुआ और उसी दिन उपस्थित होने के लिए कहा गया।
नोटिस मिलने के बाद स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने प्रशासन पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का संकल्प लिया जा चुका है और 9 अगस्त को प्रस्तावित कार सेवा अहिंसक तरीके से की जाएगी। यदि प्रशासन उन्हें जेल भी भेजता है, तब भी वे अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे।
अगस्त क्रांति दिवस पर कार सेवा का आह्वान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाथरस में एक जनसभा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर दिए गए बयान के बाद स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को 9 अगस्त, अगस्त क्रांति दिवस पर कार सेवा का आह्वान किया था। उन्होंने विवादित परिसर के गुंबद को हटाने की भी बात कही थी। इसके बाद देशभर के विभिन्न अखाड़ों से जुड़े संतों और कई कथा वाचकों ने उनके अभियान का समर्थन किया।
उधर, कार सेवा को मिल रहे समर्थन और संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार डीएम और एसएसपी के निर्देश पर से रिपोर्ट तलब की गई तथा स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाइयों ने आश्रम की गतिविधियों पर नजर रखी। इसी क्रम में पहले गोवर्धन और बाद में गोविंद नगर थाना पुलिस की ओर से कानूनी कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने दी सफाई
फिलहाल प्रशासन की ओर से नोटिस जारी करने के पीछे कानूनव्यवस्था बनाए रखने की मंशा बताई जा रही है। जबकि इसे अपने आंदोलन को रोकने का प्रयास बता रहे हैं। मामला संवेदनशील होने के कारण प्रशासन और संत समाज के साथ ही सनातनीयों के साथ समस्त कृष्ण भक्तों की आगामी रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं वहीं स्थानीय लोग भी किसी भी प्रकार के वाद विवाद से बचकर शांति और सुरक्षित रहना चाहते है l



