Shri Krishna JanmabhoomiShahi Idgah Case: श्रीकृष्ण जन्मभूमिशाही ईदगाह विवाद से जुड़े मूल वाद संख्या 04/2023 में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्यवादी आशुतोष पाण्डेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुए और अपने पक्ष में विस्तृत कानूनी दलीलें प्रस्तुत कीं।

सुनवाई के दौरान मुख्यवादी ने पूर्व में दाखिल संशोधन आवेदन में आवश्यक बदलाव के लिए पूरक संशोधन प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इसे रिकॉर्ड पर स्वीकार करते हुए प्रतिवादी पक्ष से आपत्तियां दाखिल करने को कहा। इसके साथ ही सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत दाखिल अंतरिम प्रार्थनापत्र को भी रिकॉर्ड पर लिया गया।
अंतिम निर्णय आने तक किसी भी सभा या आंदोलन की अनुमति न देने का अनुरोध
अंतरिम आवेदन में न्यायालय से अनुरोध किया गया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर अंतिम निर्णय आने तक विवादित परिसर से संबंधित किसी भी सभा, बैठक, कारसेवा, आंदोलन या सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति न दी जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया, कानूनव्यवस्था और सार्वजनिक शांति प्रभावित न हो।
“क्रांति दिवस”, कारसेवा या आंदोलन से वादी पक्ष का कोई संबंध नहीं
मुख्यवादी ने न्यायालय को यह भी अवगत कराया कि प्रस्तावित 9 अगस्त 2026 के किसी भी तथाकथित “क्रांति दिवस”, कारसेवा या आंदोलन से उनका अथवा वादी पक्ष का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, एडीजी , एडीजी आगरा, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है।
मुख्यवादी ने यह भी कहा कि कुछ व्यक्तियों द्वारा मीडिया और पर दिए जा रहे सार्वजनिक बयान न्यायालय में लंबित मामले को प्रभावित कर सकते हैं तथा इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस पर न्यायालय से आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया।
सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा से सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट तलब करते हुए आदेश के अनुपालन का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को अपराह्न 2 बजे निर्धारित की गई है। जानकारी मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के प्रबंधक ठाकुर सुधांशु सोम द्वारा जारी विज्ञप्ति में दी गई।



