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Ectopic Pregnancy: गर्भाशय नहीं, फैलोपियन ट्यूब में पलने लगता है शिशु, जानें शुरुआती लक्षण और खतरा

Signs Of Ectopic Pregnancy: प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का एक खास पल होता है, लेकिन कई बार प्रेग्नेंसी में सब कुछ सामान्य नहीं होता है। ऐसी ही एक गंभीर स्थिति होती है एक्टोपिक प्रेग्नेंसी। इस कंडीशन में फर्टिलाइज्ड एग्स यूटेरस तक नहीं पहुंच पाता है। भ्रूण गर्भाशय में विकसित होने की बजाय फेलोपियन ट्यूब या फिर रीप्रोडक्टिव सिस्टम के किसी अन्य हिस्से में ही विकसित होने लगता है।

Ectopic Pregnancy: गर्भाशय नहीं, फैलोपियन ट्यूब में पलने लगता है शिशु, जानें शुरुआती लक्षण और खतरा
Ectopic Pregnancy: गर्भाशय नहीं, फैलोपियन ट्यूब में पलने लगता है शिशु, जानें शुरुआती लक्षण और खतरा

यह स्थिति मां और भ्रूण, दोनों के लिए बेहद खतरनाक होती है। इस स्थिति की समय पर पहचान न होने और समय पर इलाज न किए जाने पर गंभीर ब्लीडिंग और जान का खतरा भी हो सकता है।

क्या होती है एक्टोपिक प्रेग्नेंसी?

सामान्य गर्भावस्था में फर्टिलाइज्ड एग गर्भाशय की अंदरूनी परत में जाकर विकसित होता है, लेकिन एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में यह अंडा गर्भाशय तक नहीं पहुंच पाता और अधिकतर मामलों में में ही चिपक जाता है। चूंकि फैलोपियन ट्यूब भ्रूण के विकास के लिए उपयुक्त नहीं होती, इसलिए ऐसी प्रेग्नेंसी को सामान्य रूप से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण

इस प्रकार की प्रेग्नेंसी के लक्षण भी सामान्य होते हैं, लेकिन धीरेधीरे कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं। जैसे

  • पीरियड्स का रुक जाना
  • प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आना
  • पेट के एक तरफ तेज या लगातार दर्द होना
  • योनि से हल्का या असामान्य रक्तस्राव
  • कंधे में दर्द
  • चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना
  • कमजोरी और अत्यधिक थकान
  • अगर ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के कारण

  • फैलोपियन ट्यूब में संक्रमण या सूजन
  • पहले एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का इतिहास
  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज
  • एंडोमेट्रियोसिस
  • फैलोपियन ट्यूब की सर्जरी
  • धूम्रपान
  • आईवीएफ जैसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के कुछ मामलों में जोखिम बढ़ सकता है
  • बढ़ती उम्र, विशेषकर 35 वर्ष के बाद

किन महिलाओं में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का खतरा

  • जिनकी पहले एक्टोपिक प्रेग्नेंसी हो चुकी हो
  • फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी बीमारी या सर्जरी हो चुकी हो
  • पेल्विक इंफेक्शन
  • धूम्रपान करने वाली महिलाएं
  • फर्टिलिटी ट्रीटमेंट
  • जिन महिलाओं का फर्टिलिटी ट्रीटमेंट हुआ हो

क्या है एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का इलाज

  • गर्भावस्था से जुड़ी किसी भी समस्या का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि गर्भ कितनी शुरुआती अवस्था में है।
  • शुरुआती अवस्था में डॉक्टर गर्भ के विकास को दवाइयों की मदद से रोकने की कोशिश करते हैं।
  • यदि फैलोपियन ट्यूब फटने का खतरा हो या आंतरिक रक्तस्राव शुरू हो जाए, तो सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
  • गंभीर स्थिति में प्रभावित फैलोपियन ट्यूब को भी हटाना पड़ सकता है।

क्या एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद मां बन सकती हैं?

हां, अधिकांश महिलाएं सही इलाज के बाद भविष्य में सामान्य गर्भधारण कर सकती हैं। हालांकि अगली प्रेग्नेंसी में शुरुआती अल्ट्रासाउंड और नियमित जांच करवाना जरूरी होता है ताकि गर्भ सही जगह पर विकसित हो रहा है या नहीं, इसकी जानकारी समय रहते चल सके। इससे इलाज समय पर संभव हो पाता है।

अगर पॉजिटिव आने के बाद तेज पेट दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, चक्कर, बेहोशी या कंधे में असामान्य दर्द महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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