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शादी के कुछ महीनों बाद ही बदल गई जिंदगी, पति और सास ने रखी ऐसी शर्त कि नवविवाहिता के पैरों तले खिसक गई जमीन..

शादी के कुछ महीनों बाद ही बदल गई जिंदगी, पति और सास ने रखी ऐसी शर्त कि नवविवाहिता के पैरों तले खिसक गई जमीन..

शादी हर लड़की के लिए नई उम्मीदों और नए सपनों की शुरुआत होती है। वह अपने नए घर को अपनाने और रिश्तों को निभाने की पूरी कोशिश करती है। लेकिन कभी-कभी वही घर, जहां उसे अपनापन मिलने की उम्मीद होती है, उसके लिए सबसे बड़ी परीक्षा बन जाता है।

ऐसी ही एक कहानी एक नवविवाहिता की है, जिसकी शादी बड़े अरमानों के साथ हुई थी। शुरुआती कुछ दिन सामान्य रहे और उसे लगा कि उसकी नई जिंदगी खुशहाल होगी। लेकिन समय बीतते ही हालात बदलने लगे।

आरोप है कि कुछ महीनों बाद पति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगा और बात-बात पर मारपीट की नौबत आने लगी। महिला का कहना है कि उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

उसने यह भी आरोप लगाया कि पति का किसी दूसरी महिला से संबंध था। इसी वजह से वह अक्सर उसकी तुलना दूसरी महिला से करता, उसे अपमानित करता और तरह-तरह की बातें कहकर उसका आत्मसम्मान ठेस पहुंचाता था।

महिला के अनुसार, सास का व्यवहार भी उसके प्रति बेहद कठोर था। आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया गया और उसके साथ मारपीट भी की गई। इतना ही नहीं, एक दिन कथित तौर पर उसे गर्म तवे से जला दिया गया।

इसके बाद उसे घर से बाहर निकालते हुए कथित तौर पर कहा गया कि जब तक वह अपने मायके से मकान निर्माण के लिए पैसे लेकर नहीं आएगी, तब तक उसे घर में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह सुनकर महिला पूरी तरह टूट गई और अपने मायके लौट गई।

कुछ दिन तक उसने हालात सुधरने का इंतजार किया, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो उसने हिम्मत जुटाई और पूरे मामले की शिकायत पुलिस से कर दी।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच एजेंसियां सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

यह घटना बताती है कि किसी भी रिश्ते की नींव सम्मान, विश्वास और समानता पर टिकी होती है। यदि किसी महिला को दहेज की मांग, घरेलू हिंसा या मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है, तो उसे चुप रहने के बजाय कानूनी मदद लेने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।

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