जालंधर : भारत तिब्बत सहयोग मंच के राष्ट्रीय व प्रांतीय नेतृत्व द्वारा संगठन का विस्तार करते हुए समाज सेविका और प्रखर वक्ता रजनी कंडा को महिला विभाग, पंजाब प्रांत का प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया है। उनकी इस नियुक्ति से संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। इस मोके पर रजनी कण्डा द्वारा आदरणीय मार्गदर्शक श्री इंद्रेश कुमार जी, राष्ट्रीय सलाहकार श्री हरजीत सिंह ग्रेवाल जी, माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष मेजर जनरल रिट. आर. के. शर्मा जी 𝗔𝗩𝗦𝗠 तथा आदरणीय राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री पंकज गोयल जी, एडवोकेट रविन्द्र गुप्ता राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री, महामंत्री सरदार गुरमीत सिंह सेखों , राष्ट्रिय महिला अध्य्क्ष श्री मति रेखा गुप्ता , पंजाब अध्य्क्ष सरदार भूपिंदर सिंह , महिला विभाग अध्य्क्ष श्री मति जसप्रीत कौर का इस नई जिम्मेवारी के लिए आभार व्यक्त किया।

पुरानी जिम्मेदारियों का शानदार रिकॉर्ड
रजनी कंडा इससे पहले भी भारत तिब्बत सहयोग मंच के महिला विभाग में पंजाब प्रांत की प्रचार प्रमुख के रूप में अपनी सराहनीय सेवाएं दे चुकी हैं। प्रचार प्रमुख रहते हुए उन्होंने मंच की नीतियों और तिब्बत की आजादी के मुद्दे को पंजाब के कोनेकोने तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। संगठनात्मक कार्यों में उनकी इसी निष्ठा और कार्यकुशलता को देखते हुए अब उन्हें प्रदेश मंत्री जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजनीतिक एवं सामाजिक सक्रियता
वर्तमान में रजनी कंडा भारतीय जनता पार्टी की जिला टीम में सचिव के पद पर भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके इस अनुभव का लाभ भारत तिब्बत सहयोग मंच को मजबूत करने में मिलेगा।
भारत तिब्बत सहयोग मंच के मुख्य कार्य और उद्देश्य
अपनी इस नई नियुक्ति पर आभार जताते हुए रजनी कंडा ने कहा कि संगठन ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उस पर पूरी तरह खरा उतरेंगी। उन्होंने मंच के उद्देश्यों को दोहराते हुए बताया कि भारत तिब्बत सहयोग मंच मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए समर्पित है:
तिब्बत की आजादी का समर्थन:
कैलाश मानसरोवर और तिब्बत को चीन के अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए जनजागरण अभियान चलाना।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध:
भारत और तिब्बत के सदियों पुराने सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित करना और उन्हें मजबूत बनाना।चीनी सामान का बहिष्कार: स्वदेशी को बढ़ावा देने और चीन की विस्तारवादी नीतियों का विरोध करने के लिए चीनी उत्पादों के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान करना।
सुरक्षा के प्रति चेतना:
भारत की उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा के प्रति देश के नागरिकों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को जागरूक करना।
मानवाधिकारों की आवाज:
तिब्बत में हो रहे मानवाधिकारों के हनन और वहां के नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाना।रजनी कंडा ने कहा कि पंजाब प्रांत में महिला विभाग की टीम को और मजबूत किया जाएगा ताकि मातृशक्ति तिब्बत की मुक्ति और देश की सुरक्षा के इस पावन अभियान में बढ़चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज करा सके। उनकी इस नियुक्ति पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।



