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Khushi Mukherjee पर 100 करोड़ का मानहानि केस, सूर्यकुमार यादव पर मैसेज भेजने का लगाया था आरोप

Khushi Mukherjee पर 100 करोड़ का मानहानि केस, सूर्यकुमार यादव पर मैसेज भेजने का लगाया था आरोप

Khushi Mukherjee And Suryakumar Yadav: सोशल मीडिया पर अपने अतरंगी फैशन सेंस के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री खुशी मुखर्जी (Khushi Mukherjee) अपने एक बेबाक बयान के कारण बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गई हैं। भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) पर लगाए गए उनके दावों ने अब एक गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है। अभिनेत्री पर क्रिकेटर की छवि धूमिल करने के आरोप में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, के एक प्रशंसक फैजान अंसारी ने इस मामले में पहल करते हुए गाजीपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। यह मामला न केवल कानूनी गलियारों में बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

 

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100 करोड़ की मानहानि का दावा

सूर्यकुमार यादव के प्रशंसक फैजान अंसारी द्वारा दर्ज कराई गई इस शिकायत में खुशी मुखर्जी पर 100 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा किया गया है। फैजान का आरोप है कि अभिनेत्री ने केवल ‘फेम’ और सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए देश के एक सम्मानित खिलाड़ी का नाम विवादों में घसीटा है। शिकायत में कहा गया है कि खुशी ने अपने दावों के समर्थन में कोई भी चैट या सबूत पेश नहीं किया है, जिससे यह साफ होता है कि उनके आरोप पूरी तरह से निराधार और झूठे हैं।

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खुशी मुखर्जी का वो विवादित बयान

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ने एक मीडिया इंटरेक्शन के दौरान क्रिकेटर्स के साथ अपने रिश्तों पर बात की। उन्होंने दावा किया था, “मैं किसी भी क्रिकेटर को डेट नहीं करना चाहती, जबकि कई क्रिकेटर मेरे पीछे पड़े हैं। सूर्यकुमार यादव मुझे पहले काफी मैसेज करते थे, लेकिन अब हमारी ज्यादा बात नहीं होती। मुझे अपने नाम के साथ किसी भी तरह का लिंक-अप पसंद नहीं है।” उनके इस बयान के बाद क्रिकेट प्रेमियों ने उन्हें सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया था।

“खिलाड़ी की छवि को पहुंचाया नुकसान”

शिकायतकर्ता फैजान अंसारी का कहना है कि सूर्यकुमार यादव न केवल एक शानदार खिलाड़ी हैं, बल्कि करोड़ों युवाओं के रोल मॉडल भी हैं। बिना किसी ठोस प्रमाण के उन पर इस तरह के व्यक्तिगत आरोप लगाना उनकी सामाजिक और पेशेवर छवि को गहरा नुकसान पहुँचाता है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खुशी अपने दावों को साबित करने में विफल रहती हैं, तो उन्हें भारी हर्जाने के साथ-साथ कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

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