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‘संसद चलो’ मार्च में उपद्रवियों के खिलाफ एक्शन, कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में FIR दर्ज

नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भड़की हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदर्शन के दौरान पथराव, पुलिसकर्मियों पर हमले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में अलगअलग एफआईआर दर्ज की हैं। कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

‘संसद चलो’ मार्च में उपद्रवियों के खिलाफ एक्शन, कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में FIR दर्ज

दिल्ली पुलिस की जांच अब मुख्य रूप से वीडियो फुटेज पर केंद्रित है। पुलिस के पास मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो, सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों और पुलिस के बॉडी कैमरों की 250 से अधिक फुटेज उपलब्ध हैं। इन वीडियो के आधार पर हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उपद्रवियों में किसी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या नहीं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि हिंसा में शामिल लोग पूर्व नियोजित तरीके से जंतरमंतर पहुंचे थे या नहीं। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि नई दिल्ली में हुई हिंसा से पहले किसी व्हाट्सऐप या टेलीग्राम समूह के जरिए लोगों को उकसाने या संगठित करने की कोशिश की गई थी या नहीं।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोमवार को कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल स्थित रीगल सिनेमा के पास प्रदर्शन हिंसक हो गया। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। इसके अलावा जनपथ इलाके में कई दुकानों को भी नुकसान पहुंचा, जिससे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति लगातार बिगड़ती गई। प्रदर्शनकारियों को कई बार चेतावनी दी गई और कानूनी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने वहां से हटने से इनकार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने लागू निषेधाज्ञा का जानबूझकर उल्लंघन किया और हिंसक रवैया अपनाया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और अन्य वस्तुओं से भी हमला किया। उन्होंने पुलिस बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस और अन्य सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की तथा सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि इस हिंसा से कानूनव्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया।

पुलिस के अनुसार, हिंसा में 118 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए हैं। घायलों में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस, जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब तक करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

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