Yogi Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 16 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बुनियादी ढांचे, परिवहन और विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने प्रयागराज से सोनभद्र तक 330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा 117 किलोमीटर लंबे विंध्यपूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी हरी झंडी मिल गई है। यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।

बैठक में आगरालखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। साथ ही, इन परियोजनाओं के EPC मोड में निर्माण के लिए विकासकर्ता चयन संबंधी प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने महिला कल्याण, गृह, उच्च शिक्षा, राज्य कर, परिवहन, स्टांप एवं पंजीकरण और सहकारिता विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की।
बैठक में यह भी तय किया गया कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित होगा। इस दौरान राज्य सरकार अपने विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएगी। वहीं, विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में आगामी सत्र के संसद की तरह हंगामेदार रहने के आसार हैं।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को कैबिनेट की मंजूरी, मेधावी छात्राओं को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें महिला सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को हरी झंडी दी गई है। इस योजना के तहत सरकारी और निजी कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को शामिल किया जाएगा। स्नातक या अन्य पात्र पाठ्यक्रमों में उत्तीर्ण छात्राओं में से मेरिट के आधार पर शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी।
योजना का लाभ उन छात्राओं को मिलेगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होगी। सरकार स्कूटी के साथ पंजीकरण शुल्क, बीमा, ISI मार्क वाला हेलमेट, आवश्यक एक्सेसरीज और 5 लीटर पेट्रोल भी उपलब्ध कराएगी। कैबिनेट ने पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी देने का फैसला किया है। सरकार का तर्क है कि पेट्रोल स्कूटी के सर्विस सेंटर और ईंधन की उपलब्धता गांवगांव तक है, जिससे छात्राओं को रखरखाव और उपयोग में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
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निराश्रित, दिव्यांग और शहीदों की बेटियों को भी मिलेगा स्कूटी योजना का लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ केवल मेधावी छात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा। योजना के तहत निराश्रित, दिव्यांगजन और शहीदों की बेटियों को भी प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा, नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा प्रणाली में शामिल किया जाएगा, ताकि इसे उच्च शिक्षा से लेकर निचले स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
सरकार ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा शोध पीठ स्थापित करने का भी फैसला किया है। इसके लिए विश्वविद्यालयों को 2 करोड़ रुपये और महाविद्यालयों को 1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा की जाएगी और उससे मिलने वाले ब्याज का उपयोग शोध कार्यों और अकादमिक गतिविधियों के संचालन में किया जाएगा। यह योजना उन 50 वर्ष या उससे अधिक पुराने विश्वविद्यालयों पर लागू होगी, जहां 5,000 से अधिक छात्रछात्राएं अध्ययनरत हैं।
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