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मथुरा-वृंदावन के ऐतिहासिक कुंडों का होगा जीर्णोद्धार, ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने साईन किया एमओयू

MathuraVrindavan Historic Kunds: ब्रज क्षेत्र के मथुरावृंदावन के ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व के तालाबों व कुंडों का जीर्णोद्धार कर उनके पुराने वैभव को बहाल किया जाएगा। गोवर्धन परिक्रमा पथ के साथ ही वृंदावन में भगवान कृष्ण से जुड़े पुराने जंगलों को भी फिर से जीवित किया जाएगा।

मथुरा-वृंदावन के ऐतिहासिक कुंडों का होगा जीर्णोद्धार, ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने साईन किया एमओयू
मथुरा-वृंदावन के ऐतिहासिक कुंडों का होगा जीर्णोद्धार, ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने साईन किया एमओयू

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने मथुरावृंदावन क्षेत्र में पौराणिक स्थलों के कायकल्प व जैव विविधता के संवर्धन के लिए हार्टफुलनेस संस्थान के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य मथुरा और वृंदावन में पर्यावरणकायाकल्प, विरासत संरक्षण, जैव विविधता संवर्द्धन, योग, ध्यान और सामुदायिक विकास पहलों पर मिलकर काम करना है।

कम से कम दस ऐतिहासिक कुंडों के पानी की होगी सफाई

इसके तहत कम से कम दस ऐतिहासिक कुंडों जैसे गोविंद कुंड, गंधर्व कुंड और सुरभि कुंड के पानी को साफ़ और बहाल किया जाएगा। इस्कॉन और टाटा ग्रुप की मदद से, बायोरेमेडिएशन, सीवेज ट्रीटमेंट और आसपास के घाटों की मरम्मत के ज़रिए राधा कुंड, मिलन कुंड और अन्य कुंडों का कायाकल्प किया जा रहा है।

स्थानीय पौधों को उगाने के लिए 8 एकड़ में तैयार होगी आधुनिक नर्सरी

तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए 7 किलोमीटर लंबा ‘इनर परिक्रमा पथ’ बनाया जा रहा है, जिसमें पैदल चलने वालों और दंडवत परिक्रमा करने वालों के लिए अलगअलग लेन होंगी। इसके अलावा, गोवर्धन पहाड़ी पर 60 हेक्टेयर इलाके में एक बड़ा सिंचाई सिस्टम और रेनगन स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाएगा ताकि स्थानीय प्रजाति के पेड़पौधे लगाए जा सकें।ट

इस पहल के ज़रिए कामाईल करहाला जैसे पवित्र प्राचीन जंगलों को फिर से जीवित किया जा रहा है। सुनरख में वृंदावन के स्थानीय पौधों को उगाने के लिए 8 एकड़ में फैली एक आधुनिक नर्सरी तैयार की जा रही है।

एक ऐसा पवित्र स्थान रहा है जहां प्रकृति और चेतना एक साथ सामंजस्य में रहते है

हार्टफुलनेस मार्गदर्शक और राम चंद्र मिशन के अध्यक्ष दाजी ने कहा, “ब्रज हमेशा से एक ऐसा पवित्र स्थान रहा है जहां प्रकृति और चेतना एक साथ सामंजस्य में रहते हैं। यह सहयोग बाहरी पर्यावरण और मानवता की आंतरिक स्थिति दोनों की सेवा करने का एक अवसर है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को न केवल एक संरक्षित विरासत मिले, बल्कि जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति सम्मान पर टिकी एक जीवंत विरासत भी मिले।

यूपी के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा ने कहा कि ब्रज ने सदियों से साधकों और समुदायों का मार्गदर्शन किया है, और हार्टफुलनेस के साथ यह जुड़ाव ब्रज को पवित्र विरासत, आंतरिक कल्याण और पर्यावरण की देखभाल के केंद्र के रूप में पोषित करने के हमारे साझा प्रयास में एक मूल्यवान आयाम जोड़ता है।

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