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आप सो रहे थे और अचानक सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, क्या हुई बातचीत?

नीट पेपर लीक का मामला अब केवल छात्रों की नाराजगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूरी तरह राजनीतिक मुद्दा बन चुका है. देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को इस मुद्दे पर दिनभर हलचल रही. एक ओर जंतरमंतर पर छात्रों और संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा, तो दूसरी ओर संसद परिसर के बाहर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने संसद के बाहर प्रदर्शन कर सरकार को घेरा और परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाए. देर रात तक राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं.

आप सो रहे थे और अचानक सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, क्या हुई बातचीत?

इसी बीच अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत को देखते हुए उन्हें मंगलवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ले जाया गया. यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शाम करीब 7:30 बजे एम्बुलेंस से उन्हें मेदांता अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें आईसीयू8 में भर्ती किया गया.

सरकार की ओर से बातचीत के संकेत
सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के कुछ ही समय बाद सरकार की ओर से बातचीत की पहल भी देखने को मिली. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मंगलवार रात मेदांता अस्पताल पहुंचे और सोनम वांगचुक से मुलाकात की. हालांकि मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई या कोई सहमति बनी या नहीं, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन दोनों केंद्रीय मंत्रियों की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब आंदोलन और राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है.

आगे क्या होगा, इस पर नजर
नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश अभी भी कम नहीं हुआ है. दूसरी ओर विपक्ष लगातार इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठा रहा है. ऐसे में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का यह प्रयास आगे क्या दिशा लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का इलाज अब गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शुरू हो गया है. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, उनकी देखभाल इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की निगरानी में की जा रही है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से मेदांता रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रही है.

सफदरजंग अस्पताल ने कोर्ट के आदेश के बाद किया डिस्चार्ज
सफदरजंग अस्पताल ने बताया कि अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए सोनम वांगचुक को शाम 6:40 बजे डिस्चार्ज किया गया. इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मेदांता अस्पताल की मेडिकल टीम को सौंप दिया गया. अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि डिस्चार्ज के समय उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य संकेत स्थिर थे. हालांकि, उन्हें पैनसाइटोपेनिया की समस्या अब भी बनी हुई है और उनके शरीर में सीरम पोटेशियम का स्तर 3.4 mEq/L दर्ज किया गया. इलाज में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए उनकी सभी मेडिकल रिपोर्ट, जांच के दस्तावेज और उपचार से जुड़ी फाइलें मेदांता की टीम को सौंप दी गईं.

28 जून से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक मामले को लेकर 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनका इलाज गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में जारी है. इस बीच अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है. किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.

पत्नी की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिया अहम आदेश
सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल भेजने का रास्ता उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो की याचिका के बाद साफ हुआ. उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध किया था कि वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में इलाज की अनुमति दी जाए. मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि किसी व्यक्ति को अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार है. अदालत ने कहा कि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 19 और अनुच्छेद 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों की रक्षा के अनुरूप है. इसी आधार पर कोर्ट ने सोनम वांगचुक को तत्काल मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने का निर्देश दिया.

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