IMD Heavy Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 22 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है. मानसून इस समय देश के लगभग सभी हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने बताया है कि पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी और तटीय इलाकों तक बारिश का दौर जारी रहेगा. भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और बादल गरजने की भी संभावना है. असम में पिछले 24 घंटों में बाढ़ में 21 लोगों की जान चली गई और कुल मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है.

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून आफत बनकर बरस रहा है. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की बोह घाटी में भारी बारिश के कारण बड़ा नुकसान हुआ है. वहां करीब छह मकान पानी के तेज बहाव में बह गए हैं. नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और निचले इलाकों में जलभराव हो गया है. प्रशासन ने लोगों को लैंडस्लाइड वाले संवेदनशील इलाकों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का मौसम पूर्वानुमान
असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पिछले 24 घंटों के भीतर बाढ़ की वजह से 21 लोगों की जान जा चुकी है और मरने वालों की कुछ संख्या अब 31 हो गई है. पूर्वी भारत के राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरजचमक के साथ बारिश का अलर्ट है. पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, नागालैंड और मणिपुर में भी बारिश का दौर जारी रहेगा. दक्षिण भारत की बात करें तो कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है.
जम्मूकश्मीर में कैसे हैं हालात?
जम्मूकश्मीर में लगातार तीसरे दिन कुदरत का कहर जारी है, जहां मूसलाधार बारिश से आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. राजौरी और पूंछ जिलों में बाढ़ और हादसों के कारण कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं. इस तबाही में बिजली के टावर बह जाने से पूंछ और राजौरी में बिजली व पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 26 जुलाई तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया है और अमरनाथ यात्रा समेत प्रमुख धार्मिक यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय से लेकर उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री स्तर पर हालात की हर घंटे निगरानी की जा रही है.
अगले दो दिन की क्या है भविष्यवाणी?
मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों तक और बारिश की भविष्यवाणी को देखते हुए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और लोगों को निचले व संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी गई है. स्थानीय नेताओं और अधिकारियों ने सरकार से लापता लोगों की तलाश तेज करने, प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने और बुनियादी ढांचे के त्वरित पुनर्निर्माण की मांग की है.
राहत और बचाव कार्यों के तहत राजौरी में करीब 230 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जहां इस समय लगभग 450 लोग शरण लिए हुए हैं. प्रभावित 435 क्षतिग्रस्त सड़कों में से 356 को बहाल कर दिया गया है, जबकि बिजली और जल आपूर्ति को जल्द से जल्द ठीक करने के प्रयास जारी हैं.
दिल्ली, यूपी और उत्तर भारत का हाल
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम पूरी तरह बदल गया है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 22 जुलाई को अच्छी बारिश होने की संभावना है. दिल्लीNCR के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मानसून का असर काफी तेज रहेगा. राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
मध्य और पश्चिम भारत में मूसलाधार बारिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मानसून पूरी तरह मेहरबान है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की आशंका जताई गई है. इसके अलावा राजस्थान के पूर्वी इलाकों में व्यापक बारिश होगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. गुजरात, कोंकण और गोवा में भी मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है.
IMD की ओर से जरूरी एडवाइजरी
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने को कहा है. शहरी इलाकों में वॉटरलॉगिंग की समस्या हो सकती है. यात्रियों से अपील की गई है कि वे बाढ़ प्रभावित या भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.



