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यूपी बोर्ड में अब उत्तर पुस्तिकाओं का होगा ऑनलाइन मूल्यांकन, 195 शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

UP Board Compartment Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद भी उत्तर पुस्तिकाओं के ऑनलाइन मूल्यांकन की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की इम्प्रूवमेंट तथा कम्पार्टमेंट परीक्षा2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए चयनित शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाया जा सके।

यूपी बोर्ड में अब उत्तर पुस्तिकाओं का होगा ऑनलाइन मूल्यांकन, 195 शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
यूपी बोर्ड में अब उत्तर पुस्तिकाओं का होगा ऑनलाइन मूल्यांकन, 195 शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के लिए किया गया शिक्षकों का चयन

जानकारी के अनुसार, शिक्षकों का प्रशिक्षण राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण दो दिनों तक चलेगा और इसमें टीसीएस की तकनीकी टीम भी सहयोग करेगी। यूपी बोर्ड सचिव की ओर से इस संबंध में पहले ही आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। प्रशिक्षण के लिए विद्यालयों से शिक्षकों का चयन कर लिया गया है और उन्हें निर्धारित समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

दो बैचों में संचालित होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में संचालित होगा। पहला बैच सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दूसरा बैच दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। प्रशिक्षण में शामिल होने वाले शिक्षकों को विद्यालयी शिक्षण कार्य से मुक्त रखने के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, ताकि वे पूरी तरह प्रशिक्षण पर ध्यान दे सकें।

195 शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार राय के अनुसार कुल 195 शिक्षक इस प्रशिक्षण में भाग लेंगे। इनमें हाईस्कूल स्तर के 74 तथा इंटरमीडिएट स्तर के 120 शिक्षक शामिल हैं। विभिन्न विषयों के शिक्षकों को डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली, उत्तर पुस्तिकाओं के स्कैनिंग आधारित परीक्षण और ऑनलाइन अंकन की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।

हाईस्कूल स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान, कला, संगीत, उर्दू, वाणिज्य, कृषि, सिलाई तथा कंप्यूटर विषयों के शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। वहीं इंटरमीडिएट स्तर पर हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, नागरिकशास्त्र, गणित, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान सहित अन्य विषयों के शिक्षकों को भी शामिल किया गया है।

की यह पहल परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। लागू होने से परिणाम तैयार करने में लगने वाला समय कम होगा और पारदर्शिता के साथ त्रुटियों की संभावना भी घटेगी। इससे छात्रों को समय पर और अधिक सटीक परिणाम उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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