Rotha Physical AbuseMurder Case: वर्धा जिले के रोठा गांव में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म एवं हत्या के मामले में शासन और जिला प्रशासन स्तर पर लगातार समन्वय और कार्रवाई जारी है।पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री सहायता निधि से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।ऐसी जानकारी जिलाधिकारी वान्मथी सी।ने दी।उन्होंने ने कहा कि रोठा में मासूम बच्ची के साथ हुई घटना अत्यंत घृणित और संवेदनशील है।

घटना के दिन ही पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष जांच दल का गठन किया तथा आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया।उन्होंने बताया कि घटना के बाद से जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की है।प्रशासन ने पीड़ित परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं अनुदानों का लाभशीघ्र उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की हैं।
विशेष सरकारी वकील नियुक्त
साथ ही स्थानीय और अंतरजिला स्तर पर भी लगातार समन्वय बनाए रखा गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना, जिला शल्य चिकित्सक, प्राथमिक तथा तहसील प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर वरिष्ठ स्तर पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है।इसके अलावा मुख्यमंत्री सहायता निधि से आर्थिक सहायता दिलाने के लिए प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।
प्रशासन ने तेज की कार्रवाई
सोमवार को आयोजित सभी संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक में अब तक की गई कार्रवाई का जायजा लिया गया।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाए रखते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथसाथ आर्थिक सहायता एवं अन्य शासकीय लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
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बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण, पुलिस अधीक्षक सौरभ अग्रवाल, उप जिलाधिकारी श्रीपति मोरे, अतिरिक्त जिलाधिकारी संजय तेली सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
विशेष सरकारी वकील की नियुक्ति की गई
वहीं दूसरी ओर मासूम पर अत्याचार व हत्या के प्रकरण में पालकमंत्री डॉ. ने मुख्यमंत्री से भेंट कर विशेष सरकारी वकील की नियुक्ति करने की मांग की थी।इसके तुरंत बाद न्यायालय में मामले पर सरकारी पक्ष रखने के लिए विशेष सरकारी अभिवक्ता के रूप में एड।अजय मिसर की नियुक्ति होने की जानकारी है।



