
BJP fed TMC leaders Egg: पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंकने की खबर तो आप सबने खूब सुनी होगी. लेकिन इस पर हुगली जिले से राजनीति का एक अलग ही रंग सामने आया है. यहां विरोध प्रदर्शन का ऐसा तरीका देखने को मिला है. जिसने हर किसी को चौंका दिया. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के खिलाफ न तो अंडे फेंके और न ही हंगामा किया. इसके बजाय उन्होंने फ्राइड एग खिलाकर अपना विरोध जताया है. घटना के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा शुरू हो गई और राजनीतिक गलियारों में भी इसे लेकर नई बहस छिड़ गई है कि आखिर क्या ये बीजेपी का विरोध करने का नया तरीका है. समझते हैं पूरी बात.
बंगाल चुनाव और सियासत के बीच हुगली से आई हैरान करने वाली खबर, टीएमसी नेता को बीजेपी ने खिलाया अंडा.
अनोखा विरोध: ऑमलेट खिलाकर जताया रोष
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, यह मामला पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के हरिपाल ब्लॉक के बांदीपुर इलाके के घाटरा गांव का है. यहां बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने तृणमूल कांग्रेस के बूथ अध्यक्ष माणिक कोले के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान उन्होंने माणिक कोले को फ्राइड एग खिलाकर अपना विरोध दर्ज कराया. विरोध का यह तरीका देखते ही देखते पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया.
बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी नेता सुमन रुईदास ने आरोप लगाया कि माणिक कोले ने सूखे पेड़ों को बेचकर पैसों का गबन किया. उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए. उनका कहना है कि कई कार्यकर्ताओं को धमकाया गया और गांव छोड़ने तक के लिए मजबूर किया गया. बीजेपी ने इन आरोपों की जांच और कार्रवाई की मांग की है.
झूठे मुकदमे हटाने की मांग
बीजेपी नेताओं का कहना है कि जिन कार्यकर्ताओं पर झूठे केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें तुरंत वापस लिया जाए. साथ ही जिन लोगों ने मुकदमे लड़ने में पैसा खर्च किया है, उन्हें उसका मुआवजा भी दिया जाए. पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक वजहों से कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया और अब उन्हें न्याय मिलना चाहिए.
‘एग थेरेपी’ नहीं, विरोध था
बीजेपी नेता सुमन रुईदास ने कहा कि उन्होंने किसी पर अंडे नहीं फेंके. उनका कहना था कि यह कोई ‘एग थेरेपी’ नहीं थी. उन्होंने आरोपी तृणमूल नेता को फ्राइड एग खिलाकर अपना विरोध दर्ज कराया. बीजेपी का दावा है कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसका मकसद केवल अपनी बात लोगों तक पहुंचाना था.
कुछ देर तनाव, फिर शांति
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल जरूर बना. हालांकि मामला कोई बड़ा नहीं बढ़ा हालात जल्द सामान्य हो गए. खबर लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी.
बंगाल में बढ़ रहे ऐसे प्रदर्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में तृणमूल नेताओं के खिलाफ अंडे से विरोध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. बड़े नेताओं से लेकर बूथ स्तर तक के नेताओं को ऐसे विरोध का सामना करना पड़ा है. कई मामलों में गिरफ्तार तृणमूल नेताओं को अदालत ले जाते समय पुलिस को हेलमेट पहनाना पड़ा, ताकि उन पर अंडे न फेंके जा सकें. अब हुगली की यह घटना भी राजनीतिक चर्चा का नया विषय बन गई है.



