नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी की सड़कों और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में उत्तरपूर्वी दिल्ली के करावल नगर, घोंडा और बृजपुरी जंक्शन पर पीडब्ल्यूडी और डीएमआरसी की संयुक्त डबलडेकर फ्लाईओवर परियोजना का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह दिल्ली की पहली इंटीग्रेटेड डबलडेकर संरचना है, जिसमें फ्लाईओवर और मेट्रो दोनों एकीकृत रूप से विकसित किए जा रहे हैं। यह 1.40 किलोमीटर लंबी परियोजना यमुना विहार और भजनपुरा मेट्रो स्टेशन के बीच बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में परियोजना की संशोधित अनुमानित लागत 291 करोड़ रुपये को स्वीकृति दी गई। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह केवल फ्लाईओवर बनाने की परियोजना नहीं है। इसके साथ एलिवेटेड कॉरिडोर, नई सड़कें, फुटपाथ, रोड साइनेज, बिजली, ड्रेनेज, वर्षा जल संचयन और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना का निर्माण डीएमआरसी कर रही है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी और डीएमआरसी के बीच 24 फरवरी 2021 को समझौता हुआ था। परियोजना की मूल स्वीकृत लागत 220.10 करोड़ रुपये थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पांचवीं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 22 जुलाई 2026 तक परियोजना का 88 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अब तक 220.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में कुछ कार्यों की अनुमति न मिलने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था। अब आवश्यक अनुमति मिल चुकी है और डीएमआरसी ने फ्लाईओवर के शेष हिस्से तथा रैंप के निर्माण कार्य को फिर से तेज़ कर दिया है। अब तक फ्लाईओवर के 80 डेक स्लैब में से 74 तैयार हो चुके हैं और केवल 6 का काम बाकी है। इसी तरह 5,600 रनिंग मीटर क्रैश बैरियर में से 4,100 रनिंग मीटर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 1,500 रनिंग मीटर का काम शेष है। इसके अलावा 18 एक्सपेंशन जॉइंट में से 14 लगाए जा चुके हैं और 4 लगाए जाने बाकी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब परियोजना के अंतिम चरण के कुछ महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जाने हैं। इनमें सड़क की अंतिम परत बिछाने का काम , 100 बिजली के पोल लगाना, 8,000 वर्गमीटर क्रैश बैरियर की पेंटिंग और 94,900 वर्गमीटर एंटीकार्बोनेशन पेंटिंग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यमुना विहार और भजनपुरा का इलाका वर्तमान में अत्यधिक यातायात दबाव वाला क्षेत्र है। फ्लाईओवर बनने के बाद करीब 65 से 70 प्रतिशत यातायात सीधे इस डबलडेकर फ्लाईओवर से गुजरेगा, जिससे नीचे की सड़क पर केवल स्थानीय यातायात रहेगा और क्षेत्र में जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके अलावा गोकुलपुरी से खजूरी खास होते हुए सिग्नेचर ब्रिज तक लोगों को सिग्नलफ्री आवागमन की सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस फ्लाईओवर का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से किया जा रहा है। इसमें दोनों दिशाओं में 33 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। परियोजना में प्रीकास्ट वायाडक्ट, रैंप पर आरई वॉल और 1000 मिमी व्यास की मजबूत नींव जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1.40 किलोमीटर होगी। दोनों ओर 140140 मीटर लंबे रैंप बनाए जा रहे हैं। इसकी कुल चौड़ाई 23 मीटर होगी और इसके लोअर डेक पर 6 लेन का फ्लाईओवर बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी के लोगों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराना है। दिल्ली की पहली इंटीग्रेटेड डबलडेकर फ्लाईओवरमेट्रो परियोजना उत्तरपूर्वी दिल्ली की यातायात व्यवस्था को नई मजबूती देगी। हमारी सरकार सभी विकास परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



