दक्षिण फ्रांस का बोजूल्स शहर 300 फीट गहरी और 1200 फीट चौड़ी एक विशाल प्राकृतिक खाई के मुहाने पर टिका है. दुर्दो नदी और हिमयुग की देन यह शहर दुनिया के सबसे अनोखे भूगर्भीय और ऐतिहासिक अजूबों में गिना जाता है.

दुनियाभर में कई ऐसी खौफनाक और रोमांचक जगहें मौजूद हैं, जिन्हें पहली बार देखकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. फ्रांस का बोजोल्स भी उन्हीं जगहों में से एक है. यहां का सबसे बड़ा आकर्षण कोई महल या ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि एक विशाल प्राकृतिक खाई है, जो किसी मौत के कुएं के समान है. हैरानी की बात यह है कि पूरा शहर इसी खाई के बिल्कुल किनारे बसा हुआ है. दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे घर किसी भी वक्त नीचे गिर जाएंगे, लेकिन सदियों से लोग यहां सामान्य जिंदगी जी रहे हैं. दक्षिण फ्रांस के अवेयरॉन इलाके में बसे इस छोटे से शहर की आबादी करीब तीन हजार है. शहर के बीचों-बीच मौजूद ‘ट्रू दे बोजोल्स’ नाम की प्राकृतिक घाटी इसकी पहचान बन चुकी है. यह करीब 1200 फीट चौड़ी और लगभग 300 फीट गहरी है. ऐसा लगता है कि एक छोटे से हादसे में ही यहां के घर जमींदोज हो सकते हैं. लेकिन ये सालों से जस के तस हैं.
इस जगह को ऊपर से देखने पर इसकी आकृति घोड़े की नाल जैसी दिखाई देती है, इसलिए यह जगह पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. हालांकि, इस घाटी को इंसानों ने नहीं बनाया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक लाखों साल तक दूर्दू नदी लगातार चूना पत्थर की चट्टानों को काटती रही. धीरे-धीरे कटाव बढ़ता गया और इस तरह विशाल खाई तैयार हो गया. भूवैज्ञानिक मानते हैं कि हिमयुग के दौरान हुए प्राकृतिक बदलावों ने भी इसकी वर्तमान बनावट बनाने में अहम भूमिका निभाई. सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, इतिहास के लिहाज से भी यह शहर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. गहरी खाई और ऊंची चट्टानों की वजह से यहां तक पहुंचना आसान नहीं था. इसी कारण पुराने समय में लोगों ने इसे सुरक्षित जगह मानकर यहां बस्ती बसाई. बाद में एक किले का भी निर्माण किया गया, जिसके कुछ अवशेष आज भी दिखाई देते हैं.



