IndiaTrending

अब सूरज की रोशनी से दौड़ेंगे ट्रेन के कोच! रेलवे हर महीने बना रहा 4 नए Solar Coach

North Central Railway Solar Coach: भारतीय रेलवे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के बाद अब रेलवे सोलर पैनल से लैस कोचों के निर्माण पर जोर दे रहा है। उत्तर मध्य रेलवे ने हर माह चार सोलर कोच तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पहल के तहत ट्रेनों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिनकी मदद से कोचों में बिजली की आपूर्ति की जाएगी।

अब सूरज की रोशनी से दौड़ेंगे ट्रेन के कोच! रेलवे हर महीने बना रहा 4 नए Solar Coach
अब सूरज की रोशनी से दौड़ेंगे ट्रेन के कोच! रेलवे हर महीने बना रहा 4 नए Solar Coach

पैनलों से उत्पन्न ऊर्जा को बैटरियों में संग्रहित किया जाएगा

रेलवे अधिकारियों के अनुसार सोलर पैनलों से उत्पन्न ऊर्जा को बैटरियों में संग्रहित किया जाएगा। यही ऊर्जा कोच के भीतर लगे पंखों, लाइटों और अन्य विद्युत उपकरणों के संचालन में उपयोग होगी। दिन के समय सूर्य की रोशनी से बैटरियां लगातार चार्ज होती रहेंगी, जबकि रात या खराब मौसम में यही संग्रहीत ऊर्जा काम आएगी। इससे डिब्बों को पारंपरिक विद्युत आपूर्ति पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।

इससे बड़े स्तर पर ऊर्जा लागत में होगी बचत

रेलवे का मानना है कि यह योजना केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़े स्तर पर ऊर्जा लागत में भी कमी आएगी। डीजल और पारंपरिक बिजली की खपत घटने से रेलवे को करोड़ों रुपये की बचत होने की उम्मीद है। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से रेलवे की हरित परिवहन प्रणाली को भी मजबूती मिलेगी।

दो प्रमुख कार्यशालाओं में शुरू हुआ सोलर युक्त कोचों का निर्माण

के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा के मुताबिक सोलर युक्त कोचों का निर्माण दो प्रमुख कार्यशालाओं में शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी और रेलवे को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाएगी।

रेलवे की इस पहल से हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा

जानकारी के अनुसार, इस योजना का सफल परीक्षण पहले ही किया जा चुका है। की एक स्लीपर बोगी पर लगभग सात किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाकर परीक्षण किया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। इसके बाद रेलवे ने परियोजना को व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

रेलवे की यह पहल हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथसाथ आधुनिक और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में सोलर कोच भारतीय रेल की पहचान बन सकते हैं।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply