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Rishikesh Health Camp: प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने जगद्गुरुत्तम सेवा समिति की पहल, ऋषिकेश में तीन माह तक लगेंगे निशुल्क स्वास्थ्य शिविर

Rishikesh Health Camp: बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच प्राकृतिक चिकित्सा, योग और ध्यान को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। जनस्वास्थ्य एवं मानव सेवा के क्षेत्र में कार्यरत जगद्गुरुत्तम सेवा समिति , ऋषिकेश ने सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2026 के दौरान निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित करने की घोषणा की है।

Rishikesh Health Camp: प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने जगद्गुरुत्तम सेवा समिति की पहल, ऋषिकेश में तीन माह तक लगेंगे निशुल्क स्वास्थ्य शिविर

 

 

संस्थान की ओर से प्रत्येक माह तीन चरणों में पांचपांच दिन के स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी जाएगी।

ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा लाभ

संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ऋषिकेश और आसपास के ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज़ इलाकों के लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान कर सकें और स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें।

समग्र कायाकल्प केंद्र में प्राकृतिक चिकित्सा पर विशेष जोर

परम पूज्य जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेरणा से जगद्गुरूत्तम सेवा समिति द्वारा ऋषिकेश और वृंदावन में संचालित समग्र कायाकल्प केंद्र प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक जीवनशैली को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है।

समिति के अनुसार, महाराज श्री के शिष्य श्री राधेश्याम कथूरिया के मार्गदर्शन में संचालित इस केंद्र में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। यहां परामर्श और उपचार की सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।

योग, ध्यान और संतुलित आहार से बेहतर स्वास्थ्य

केंद्र के प्रमुख डॉ. एस. शिवा कुमार, डॉ. बलजीत आर्य और डॉ. करुणा त्रिपाठी का कहना है कि स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग, ध्यान, संतुलित प्राकृतिक आहार और अनुशासित दिनचर्या बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार आज मानसिक तनाव कई जीवनशैली संबंधी बीमारियों की बड़ी वजह बन चुका है। ऐसे में योग, ध्यान और प्रकृति के करीब रहकर जीवन जीने से मानसिक शांति के साथसाथ शारीरिक संतुलन भी बेहतर बना रहता है।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश

चिकित्सकों का कहना है कि प्राकृतिक चिकित्सा केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने पर आधारित है। समय पर भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, प्राकृतिक आहार, नशामुक्त जीवन और सकारात्मक सोच स्वस्थ रहने की मजबूत नींव हैं।

समग्र कायाकल्प केंद्र में आने वाले लोगों को प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने, नियमित दिनचर्या अपनाने और योग व ध्यान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। संस्थान का मानना है कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए प्राकृतिक जीवनशैली सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।

ये भी पढ़ें:

तीन माह तक चलेंगे शिविर

सितंबर 2026

5 से 9 सितंबर
12 से 16 सितंबर
23 से 27 सितंबर

अक्टूबर 2026

2 से 6 अक्टूबर
10 से 14 अक्टूबर
24 से 28 अक्टूबर

नवंबर 2026

1 से 5 नवंबर
14 से 18 नवंबर
25 से 29 नवंबर 

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