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दूसरी जाति में शादी पड़ी भारी! ₹35 हजार जुर्माना और 1000 लोगों की दावत के बाद भी कपल का सामाजिक बहिष्कार जारी..

दूसरी जाति में शादी पड़ी भारी! ₹35 हजार जुर्माना और 1000 लोगों की दावत के बाद भी कपल का सामाजिक बहिष्कार जारी..

रायपुर/खैरागढ़: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अंतरजातीय विवाह और सामाजिक बहिष्कार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक एडवोकेट दंपती ने आरोप लगाया है कि दूसरी जाति में शादी करने के कारण पिछले करीब एक साल से उनका सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है। उनका दावा है कि ₹35 हजार का जुर्माना भरने और करीब 1000 लोगों को भोज कराने के बावजूद समाज ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

देओरी गांव निवासी अधिवक्ता नेमीचंद वर्मा और उनकी पत्नी प्रमिला सोनकर ने खैरागढ़ पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है। दंपती का आरोप है कि खुद को समाज का प्रतिनिधि बताने वाले कुछ लोगों ने गैरकानूनी तरीके से उनका सामाजिक बहिष्कार कर रखा है।

सितंबर 2025 में की थी अंतरजातीय शादी

जानकारी के मुताबिक, नेमीचंद वर्मा ने सितंबर 2025 में साथी अधिवक्ता प्रमिला सोनकर से विवाह किया था। नेमीचंद लोधी समाज से हैं, जबकि उनकी पत्नी दूसरी जाति से संबंध रखती हैं। आरोप है कि शादी के बाद समाज के कुछ लोगों ने उनके परिवार का ‘हुक्का-पानी बंद’ घोषित कर दिया।

शादी-ब्याह और अंतिम संस्कार से भी रखा दूर

दंपती का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को समाज के कार्यक्रमों, शादी समारोहों और अंतिम संस्कार तक में शामिल होने से रोका जा रहा है। इतना ही नहीं, गांव के लोगों से सामाजिक मेलजोल भी सीमित कर दिया गया है।

₹35 हजार जुर्माना और 1000 लोगों का भोज

शिकायत के अनुसार, समाज की एक बैठक में उनके परिवार पर ₹35 हजार का जुर्माना लगाया गया। साथ ही समाज में दोबारा स्वीकार किए जाने की शर्त के तौर पर करीब 100 लोधी परिवारों, यानी लगभग 1000 लोगों के लिए सामूहिक भोज आयोजित करने को कहा गया। दंपती का आरोप है कि उन्होंने यह शर्त भी पूरी कर दी, लेकिन इसके बावजूद सामाजिक बहिष्कार खत्म नहीं हुआ।

कई लोगों पर लगाए आरोप

नेमीचंद वर्मा ने अपनी शिकायत में समाज के कुछ सदस्यों के नाम भी बताए हैं और उन पर सामाजिक बहिष्कार लागू करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समाज के अलिखित नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य परिवारों पर भी इसी तरह के जुर्माने और सामुदायिक दावत जैसी शर्तें थोपी जाती हैं।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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