नई दिल्ली : केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच शुक्रवार को होने वाली निर्णायक बैठक से ऐन पहले संगठन के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक बेहद सनसनीखेज दावा करके सियासी हलचल तेज कर दी है। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद, दीपके ने इनपुट का हवाला देते हुए आशंका जताई है कि आज शाम या रात तक उनकी पूरी टीम को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है। पिछले 35 दिनों से जारी इस आंदोलन को स्वतंत्र भारत का सबसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करार देते हुए उन्होंने सरकार को सख्त चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी कार्रवाई से आंदोलन दबने के बजाय पूरे देश में और अधिक बड़ा रूप ले लेगा।

‘हम गांधी और आम्बेडकर के रास्ते पर चलने वाले लोग’
अभिजीत दीपके ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे पूरी तरह शांति के साथ अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं, तो गिरफ्तारी की तैयारी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन महात्मा गांधी, बाबा साहब आम्बेडकर और भारत के संविधान के दिखाए रास्ते पर चल रहा है। दीपके ने सीधे तौर पर सवाल पूछा कि सरकार को आखिरकार भारतीय संविधान से ऐसी क्या परेशानी है, जिसके चलते शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वालों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
सोनम वांगचुक और पुलिस कार्रवाई का जिक्र कर सरकार को चेताया
सरकार को पूर्व की घटनाओं की याद दिलाते हुए सीजेपी फाउंडर ने कहा कि सत्ता को अपने पुराने गलत कदमों से सबक लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन हिरासत में लेने की गलती की गई, जिससे यह आंदोलन और भी विशाल हो गया। इसके बाद जब आंदोलनकारी युवतियों पर पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया और उनके कपड़े तक फाड़े गए, तो जनआक्रोश पूरे देश के कोनेकोने में फैल गया। दीपके ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अब गिरफ्तारी की तीसरी गलती करती है, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे और आंदोलन का दायरा कई गुना बढ़ जाएगा।
गिरफ्तारी होने पर समर्थकों को दिया शांतिपूर्ण आंदोलन का मंत्र
अपनी संभावित गिरफ्तारी को देखते हुए अभिजीत दीपके ने सीजेपी के लाखों समर्थकों के लिए आगे की रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने युवाओं और समर्थकों से अपील की है कि यदि आज रात टीम को गिरफ्तार कर लिया जाता है, तो इस मुहिम को आगे बढ़ाने की पूरी जिम्मेदारी जनता पर होगी। दीपके ने अपने समर्थकों पर पूरा भरोसा जताते हुए निर्देश दिया कि आंदोलन को देश के हर एक कोने तक पहुंचाना है, लेकिन इसकी मर्यादा पूरी तरह शांतिपूर्ण रहनी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून तोड़ने वाले, हिंसा करने वाले या किसी भी प्रकार का गलत काम करने वाले लोग कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक नहीं हो सकते हैं, इसलिए हर कदम पर देश की संपत्ति और शांति की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।



