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दांतों में सड़न बढ़ने से पहले जान लें ये 4 घरेलू नुस्खे, कैविटी से बचाव में हो सकते हैं असरदार..

दांतों में सड़न बढ़ने से पहले जान लें ये 4 घरेलू नुस्खे, कैविटी से बचाव में हो सकते हैं असरदार..

अक्सर लोग कहते हैं कि एक बार दांत में कैविटी बन जाए तो वह कभी ठीक नहीं हो सकती

अधिकांश मामलों में यह बात सही होती है लेकिन यदि कैविटी शुरुआती अवस्था में हो तो कुछ उपाय दांतों को और अधिक खराब होने से बचाने तथा मुंह के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं

सबसे बड़ी समस्या यह है कि कैविटी की शुरुआत में अक्सर कोई दर्द नहीं होता जब तक दर्द शुरू होता है तब तक कई बार दांत काफी प्रभावित हो चुका होता है और फिर फिलिंग रूट कैनाल या अन्य उपचार की जरूरत पड़ सकती है

आयुर्वेद और आधुनिक शोध दोनों कुछ ऐसे सरल उपायों की ओर संकेत करते हैं जो मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करने दांतों को मजबूत रखने और ओरल हेल्थ को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं

मुलेठी यानी यष्टिमधु की दातून

आयुर्वेद में यष्टिमधु का विशेष महत्व बताया गया है और पारंपरिक रूप से इसकी दातून मुख स्वास्थ्य के लिए उपयोग की जाती रही है

मुलेठी में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया की वृद्धि को कम करने में मदद कर सकते हैं

यदि आपको नीम की दातून पसंद नहीं है तो मुलेठी एक अच्छा विकल्प हो सकती है

सप्ताह में तीन से चार बार मुलेठी की दातून का उपयोग किया जा सकता है

ग्रीन टी रिंस

ग्रीन टी में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल मुंह के बैक्टीरिया और एसिड के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं

दोपहर या रात के भोजन के बाद गुनगुनी ग्रीन टी से लगभग तीस सेकंड तक कुल्ला करना ओरल हेल्थ के लिए लाभदायक हो सकता है

ऑयल पुलिंग

ऑयल पुलिंग आयुर्वेद की एक प्राचीन प्रक्रिया है

सुबह खाली पेट एक चम्मच नारियल तेल को दस से पंद्रह मिनट तक मुंह में घुमाने से मुंह की सफाई बेहतर हो सकती है और बैक्टीरिया की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है

शुरुआत में पांच मिनट से शुरू करके धीरे धीरे समय बढ़ाया जा सकता है

चीज या पनीर

बहुत से लोग यह सुनकर हैरान हो जाते हैं कि चीज और पनीर भी दांतों के लिए लाभदायक हो सकते हैं

इनमें कैल्शियम फॉस्फेट और कैसीन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो दांतों के एनामेल को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं

भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में चीज या ताजा पनीर चबाना लाभकारी माना जाता है

यदि दांत में गड्ढा बन चुका है तेज दर्द है या संक्रमण है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और दंत चिकित्सक से जांच अवश्य कराएं

आयुर्वेद क्या कहता है

आयुर्वेद में दांतों की देखभाल केवल ब्रश करने तक सीमित नहीं मानी गई है

दातून मुख शुद्धि संतुलित आहार और सही दिनचर्या को भी दंत स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना गया है

स्वास्थ्य संबंधी सूचना

यह जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है यदि आपको दांतों में लगातार दर्द सूजन पस खून आना या कैविटी की समस्या है तो योग्य दंत चिकित्सक से जांच और उचित उपचार अवश्य कराएं

contact.satyareport@gmail.com

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