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दिल्ली वालों के लिए बड़ी राहत, राजीव चौक समेत 18 मेट्रो स्टेशनों के गेट खुले; जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवा बहाल

नई दिल्ली : दिल्ली के जंतरमंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के समाप्त होने के बाद रविवार को दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन यात्रियों के लिए खोल दिए गए हैं। नीटयूजी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे इस प्रदर्शन के कारण राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और मंडी हाउस समेत 18 प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा कारणों से प्रवेश और निकास बंद कर दिया गया था। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि अब पूरे नेटवर्क पर मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से बहाल हो गई हैं और सभी स्टेशनों के गेट यात्रियों के लिए खोल दिए गए हैं।

दिल्ली वालों के लिए बड़ी राहत, राजीव चौक समेत 18 मेट्रो स्टेशनों के गेट खुले; जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवा बहाल

सुरक्षा प्रतिबंध हटे, जंतरमंतर पर मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू

आंदोलन वापस लेने की आधिकारिक घोषणा के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मध्य दिल्ली के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों से बैरिकेड्स और सुरक्षा प्रतिबंध हटा दिए। जिन स्टेशनों को बंद किया गया था, उनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, मंडी हाउस, आईटीओ और नई दिल्ली जैसे बेहद व्यस्त स्टेशन शामिल थे, जिसके चलते पीक आवर्स के दौरान यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके साथ ही, जंतरमंतर और उसके आसपास के इलाकों में युवाओं के बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए कई दिनों से बंद पड़ी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को भी प्रशासन ने पूरी तरह बहाल कर दिया है।

सरकार के आश्वासन के बाद ‘गुड फेथ’ में वापस लिया आंदोलन

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से मांगों को पूरा करने का ठोस भरोसा मिलने के बाद आंदोलन को ‘गुड फेथ’ में वापस लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने तय समयसीमा के भीतर सभी शर्तों को लागू करने की सहमति दी है। इसमें नीट के उन छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देना शामिल है जिन्होंने अवसाद में आकर आत्महत्या की थी। साथ ही, देश भर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई सभी एफआईआर वापस लेने का भी आश्वासन दिया गया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी कहा कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़ी मांगों को स्वीकार कर लिया है और पांच सूत्रीय मांग पत्र पर गहन चर्चा के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा

यह महत्वपूर्ण समझौता ऐसे समय में हुआ है जब जंतरमंतर पर एक महीने से अधिक चले प्रदर्शन और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिनों के आमरण अनशन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। कार्यभार संभालने के बाद नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी विनम्रता और जवाबदेही के साथ निभाएंगे।

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