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UP Gochar Bhumi Mission: UP में 39,721 हजार हेक्टेयर गोचर भूमि अतिक्रमण मुक्त, हरित चारा में हरदोई बना नंबर-1

UP Yogi Adityanath, Gochar Bhoomi Abhiyan: उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और पशुओं के लिए हरित चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ सरकार ने गोचर भूमि विकास अभियान को तेज कर दिया है। प्रदेश की 58,115 ग्राम पंचायतों में उपलब्ध 61,118.85 हेक्टेयर गोचर भूमि का उपयोग चारागाह विकसित करने के लिए किया जा रहा है। अब तक सरकार 39,721 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा चुकी है, जबकि 5,050 गोआश्रय स्थलों को 10,421.45 हेक्टेयर गोचर भूमि से जोड़ा गया है।

UP Gochar Bhumi Mission: UP में 39,721 हजार हेक्टेयर गोचर भूमि अतिक्रमण मुक्त, हरित चारा में हरदोई बना नंबर-1
UP Gochar Bhumi Mission: UP में 39,721 हजार हेक्टेयर गोचर भूमि अतिक्रमण मुक्त, हरित चारा में हरदोई बना नंबर-1

पशुपालन विभाग के अनुसार हरदोई हरित चारा आच्छादन में प्रदेश में पहले स्थान पर है, जबकि फतेहपुर, रायबरेली, संभल, आगरा और अलीगढ़ सहित कई जिले भी इस अभियान में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार ने चारे की कमी वाले जिलों, विशेषकर बुंदेलखंड क्षेत्र, के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। इसके तहत अधिक उत्पादन वाले जिलों से चारा और भूसा उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य, पेयजल, हीट स्ट्रेस प्रबंधन, टीकाकरण और संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश में संचालित 520 मोबाइल वेटनरी यूनिट और 1962 टोलफ्री सेवा के जरिए पशुओं को 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

हरदोई हरित चारा अभियान में सबसे आगे

इस दौरान पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि गोचर भूमि पर हरित चारा आच्छादन के मामले में हरदोई प्रदेश में सबसे आगे है, जहां 462.76 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित चारा लगाया गया है। इसके बाद फतेहपुर , रायबरेली , संभल , आगरा , अलीगढ़ , बहराइच , बाराबंकी , फिरोजाबाद , हमीरपुर जिले में शामिल हैं।

बुंदेलखंड के लिए विशेष चारा योजना

प्रदेश सरकार ने चारे और पेयजल की उपलब्धता से लेकर सेवाओं, हीट स्ट्रेस प्रबंधन और रोगों की निगरानी तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस योजना के तहत सबसे पहले चारे की कमी वाले जिलों, विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जनपदों की पहचान की गई है। इन जिलों में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिक उत्पादन वाले जिलों से चारा एवं भूसा अंतरजनपदीय स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

वन क्षेत्रों में घास एंव चारे की व्यवस्था

इसके अलावा अधिसूचित वन क्षेत्रों से घास एवं अन्य चारे की व्यवस्था भी की जाएगी। पशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए असंतुलित चारे से होने वाली नाइट्रेट एवं नाइट्राइट विषाक्तता से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। वहीं, जिन क्षेत्रों में पानी की कमी है, वहां स्थानीय तालाबों और पोखरों को नहर या नलकूप के माध्यम से भरने तथा आवश्यकतानुसार वॉटर टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी।

यूपी में वीबीजीरामजी योजना लागू

वीबीजीरामजी योजना के तहत चारागाह एवं गोचर भूमि के विकास को भी गति देगी, ताकि पशुओं के लिए स्थायी रूप से चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही पशुओं के उपचार के लिए जीवन रक्षक दवाइयों और टीकों की पर्याप्त उपलब्धता, हीट स्ट्रेस प्रबंधन के लिए मिनरल मिक्सचर एवं इलेक्ट्रोलाइट का वितरण तथा संक्रामक रोगों की सक्रिय निगरानी की व्यवस्था की गई है।

520 मोबाइल वेटनरी यूनिट रहेंगी सक्रिय

पशुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में संचालित 520 मोबाइल वेटनरी यूनिट को सक्रिय रखा गया है। इनकी सेवाएं 1962 टोलफ्री नंबर के माध्यम से 24×7 उपलब्ध हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में पशुओं का तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जा सके। योगी सरकार का उद्देश्य संभावित सूखे और गर्मी के प्रभाव को कम करते हुए गोवंश एवं अन्य पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पशुपालकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना है।

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