Ram Mandir Case Ayodhya Jail Security: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच को और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल में फोरेंसिक विशेषज्ञ और ऑडिट से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल करने का निर्देश देते हुए दो सप्ताह के भीतर जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

इस दौरान जेल में बंद आरोपियों से भी कड़ी पूछताछ की जा रही है। जेल में बंद अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के 8 आरोपियों की मुलाकात पर भी कड़ा पहरा है। आरोपियों से सिर्फ उनके दस चुनिंदा सगे संबंधी ही जेल में मुलाकात कर सकते हैं। सगे संबंधियों से इतर उनकी पत्नियां ही मिल सकती हैं। इसके अलावा किसी को भी आरोपियों से मिलने की इजाजत नहीं है।
सीसीटीवी की निगरानी में मुलाकात
जेल प्रशासन इन्हें लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। विशेष सुरक्षा में रखे गये इन बंदियों से मुलाकात की प्रक्रिया भी आम बंदियों जैसी नहीं है। अलग कमरे में सीसीटीवी कैमरे के समक्ष स्वजनों से इनकी भेंट कराई जाती है। इस दौरान स्थानीय अभिसूचना इकाई का कर्मी भी रहता है। शनिवार को चढ़ावा चोरी में आरोपित करुणेश और रमाशंकर मिश्र के एकएक स्वजन ने निगरानी की इसी कड़ी व्यवस्था के बीच उनसे मुलाकात की।
चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपी
के मामले में करुणेश, रमाशंकर मिश्र, रामशंकर यादव, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, अविनाश शुक्ल को जेल भेजा गया है। सलाखों के पीछे दिन काट रहे इन सभी आरोपितों का कस्टडी रिमांड न्यायालय से प्राप्त कर पुलिस इनसे पूछताछ कर चुकी है। जेल में भी पुलिस इनसे पूछताछ कर चुकी है। रिमांड के दौरान उनके पास से वाहन, आभूषण व नकदी और संपत्ति से जुड़े अभिलेख पुलिस ने बरामद किए हैं।
–
आरोपी ने बताया था कैसे करते थे चोरी
आपको जानकारी दें, कि अयोध्या पुलिस ने मनीष यादव के पास से ₹2 लाख रुपये बरामद किए थे। आरोपी से पूछताछ में पता चला था कि चोरी के पैसे कहां रखे जाते थे। सूत्रों के मुताबिक, को पता होता था कि इंस्पेक्शन टीम या मंदिर मैनेजमेंट के अधिकारी कब आने वाले हैं। वह पहले ही मनीष को इशारा कर देता था और इशारा मिलते ही कैश के बंडल पास के बाथरूम में छिपा दिए जाते थे।
पैसे छिपाने के बाद, मनीष ऐसे वापस आकर पैसे गिनने के काम में लग जाता था जैसे कुछ हुआ ही न हो। जैसे ही इंस्पेक्शन टीम चली जाती, आरोपी बाथरूम से नोटों की गड्डियां निकाल लेते थे। बताया जाता है कि चढ़ावे की चोरी में हर आरोपी की भूमिका पहले से तय थी। यहां तक कि CCTV कैमरों से बचने के लिए भी तरीके अपनाए गए थे। इस मामले में अब एसआईटी जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगी।



