BusinessIndia

कभी भारत के बाजार को छोड़ा था पीछे, अब एशिया के ‘किंग’ मार्केट में मची महा-तबाही! एक महीने में 43% क्रैश

साल के 6 महीने भी पूरे नहीं हुए थे और कोरियाई शेयर बाजार ने दुनिया में तिहलका मचा दिया. कॉस्पी ने निवेशकों को महज 170 दिनों में निवेशकों को 120 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे दिया था. खास बात तो ये है कि जून के शुरुआती दिनों में कोरियाई बाजार ने भारत के शेयर बाजार को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के टॉप 6 सबसे बड़े बाजारों में अपनी मौजूदगी बना ली थी. लेकिन क्या पता के आगे एक डेढ़ महीने में ही तस्वीर पूरी तरह से बदलने वाली है. जिस एआई के दम पर कोरियाई शेयर बाजार ने अपनी मौजूदगी का डंका बजवाया था, वो ही एआई मौजूदा समय में कोरियाई शेयर बाजार में महा तबाही का कारण बना हुआ है.

कभी भारत के बाजार को छोड़ा था पीछे, अब एशिया के ‘किंग’ मार्केट में मची महा-तबाही! एक महीने में 43% क्रैश

आं​कड़ों को देखें तो कोरियाई शेयर बाजार अपने पीक से करीब 44 फीसदी तक टूट चुका है. जबकि कोरियाई बाजार से बंद होने तक अपने पीक से करीब 40 फीसदी नीचे था. कॉस्पी में इस महा तबाही का प्रमुख कारण एआई बेस्ड कोरियाई कंपनी SK Hynix के शेयरों में आई गिरावट को माना जा रहा है. जिसके दम पर इंडेक्स ने साल 2026 के पहले हाफ में इतिहास रच दिया था. खास बात ये है कि पीक से अब तक इंडेक्स के कुल मार्केट कैप से 2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा साफ हो चुके हैं. आइए कोस्पी में आई गिरावट को विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं.

कोरियाई बाजार में तबाही का मंजर

दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स, जो इस साल की शुरुआत में अपनी ज़बरदस्त तेज़ी के लिए चर्चा में था, बुधवार को 11% से ज़्यादा गिर गया. इससे निवेशकों की भारी संपत्ति का नुकसान हुआ, क्योंकि बड़ी चिप बनाने वाली कंपनी SK Hynix की कमाई के नतीजे बाज़ार को प्रभावित नहीं कर पाए.

बुधवार सुबह कोस्पी 5,300 अंकों से नीचे कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. यह जून में अपने सबसे ऊंचे स्तर 9,386 से करीब 44 फीसदी नीचे था. जिससे यह ‘टेक्निकल बेयर मार्केट’ की स्थिति में आ गया है. हालिया गिरावट के बावजूद, दक्षिण कोरिया का शेयर बाज़ार एशिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला बाज़ार बना हुआ है.

बुधवार को कोस्पी में आई भारी गिरावट के कारण 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी, जैसा कि इस साल बाज़ार में उतारचढ़ाव के दौरान अक्सर होता रहा है. यह गिरावट तब आई जब SK Hynix ने अपनी कमाई में छह गुना बढ़ोतरी की रिपोर्ट दी—जिसमें आंशिक रूप से 44 अरब डॉलर की एसेटवैल्यू में बढ़ोतरी शामिल थी—लेकिन यह AI बूम के कारण बाजार की ऊंची उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया.

SK Hynix के शेयरों में 14% से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि Samsung Electronics के शेयर 10 फीसदी गिर गए. ये दोनों चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियां मिलकर इंडेक्स के वेटेज का लगभग आधा हिस्सा रखती हैं और इस साल इंडेक्स की बढ़त में इनका योगदान लगभग दोतिहाई रहा है. जैसे ही इन शेयरों में गिरावट आई, कोस्पी भी गिर गया.

दक्षिण कोरियाई सरकार ने संभाला मोर्चा

दक्षिण कोरिया की सरकार गिरते शेयर बाजार से निवेशकों की संपत्ति बचाने के उपाय करने में लगी हुई है. वित्त मंत्री कू यूंचियोल ने बुधवार को कहा कि सरकार बाजार को स्थिर करने के उपायों की समीक्षा कर रही है, जिसमें सिंगलस्टॉक लेवरेज्ड ETF से जुड़े नियमों में बदलाव करना भी शामिल है. कुछ जानकारों का कहना है कि ये प्रोडक्ट बाजार में उतारचढ़ाव को और बढ़ाते हैं.

इस महीने की शुरुआत में, वित्त मंत्रालय ने कहा था कि विदेशी और संस्थागत निवेशकों द्वारा मुनाफा कमाने, पोर्टफोलियो को फिर से संतुलित करने और ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर को लेकर बदलती उम्मीदों के कारण बाज़ार में उतारचढ़ाव बढ़ गया है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में बढ़ती एकाग्रता वित्तीय बाजार में उतारचढ़ाव का एक कारण बन गई है, क्योंकि चिप सेक्टर में होने वाले उतारचढ़ाव का असर पूरे शेयर बाजार पर बढ़ रहा है.

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जेम्युंग ने हाल ही में कहा कि हमारा घरेलू शेयर बाजार काफी अस्थिर है. उन्होंने कहा कि चूंकि देश के शेयर बाज़ार में इतने कम समय में ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व तेजी देखी गई है, इसलिए इसे स्थिर होने में समय और उतारचढ़ाव का सामना करना पड़ेगा.

अधिकारियों ने इस महीने की शुरुआत में सट्टेबाजी के माहौल को ठंडा करने के लिए कदम उठाए और अलगअलग शेयरों से जुड़े लेवरेज्ड एक्सचेंजट्रेडेड फंड की नई लिस्टिंग पर रोक लगाने की घोषणा की. यह अचानक उठाया गया कदम रेगुलेटर्स द्वारा इन फंड्स को मंजूरी देने के सिर्फ दो महीने बाद आया है.

आगे क्या होगा?

नोमुरा का मानना ​​है कि दक्षिण कोरिया के इक्विटी मार्केट में भारी गिरावट की वजह विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, संस्थागत सपोर्ट में कमी और लेवरेज्ड ETF व हाल ही में लॉन्च किए गए सिंगलस्टॉक लेवरेज्ड प्रोडक्ट्स में तेजी से हुई बढ़ोतरी के कारण आई अस्थिरता थी. इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि हमारा मानना ​​है कि मजबूत कॉर्पोरेट फंडामेंटल्स के बावजूद इन वजहों से अस्थिरता और बढ़ गई.

नोमुरा ने कहा कि हमारी राय में, जैसेजैसे मार्केट में ‘डीलेवरेजिंग’ आगे बढ़ेगा और विदेशी बिकवाली का दबाव कम होगा, कोरिया की रीरेटिंग के अगले फेज को कॉर्पोरेट शेयर बायबैक और ट्रेजरीशेयर कैंसिलेशन से सपोर्ट मिलने की संभावना है. उन्होंने आगे कहा कि यह डिमांड का एक नया स्ट्रक्चरल जरिया बन सकता है और कोस्पी को 10,00011,000 के टारगेट तक पहुंचने में मदद कर सकता है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरेशिया ग्रुप के एनालिस्ट्स ने एक रिसर्च नोट में लिखा कि सियोल शेयर बाजार की अस्थिरता के साथ जीना सीख जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, रोजाना होने वाले बड़े उतारचढ़ाव का बाजार के फंडामेंटल्स से ज्यादा लेनादेना नहीं है. कॉर्पोरेट मुनाफा रिकॉर्ड ऊंचाई पर बना हुआ है.

सिटी ने हाल ही में AI से जुड़े चिप स्टॉक्स में बढ़ी हुई अस्थिरता का हवाला देते हुए दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार को ‘ओवरवेट’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया है, जबकि पिछले एक साल से यह ‘ओवरवेट’ था. रेटिंग घटाने के बावजूद, सिटी ने कहा कि वह लंबे समय के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्वेस्टमेंट थीम को लेकर स्ट्रक्चरल रूप से पॉजिटिव बना हुआ है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply