Nashik Digital Arrest Fraud: मुंबई क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी बनकर साइबर ठगों द्वारा नासिक के वडाला शिवार क्षेत्र में रहने वाले 60 वर्षीय एक वरिष्ठ नागरिक को लगातार 11 दिनों तक तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 59 लाख 58 हजार रुपये की भारीभरकम ठगी करने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है।

इस गंभीर घटना के संबंध में नासिक शहर साइबर पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिताकी विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, गत 11 जुलाई को पीड़ित वरिष्ठ नागरिक के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाली एक महिला ने दावा किया कि बुजुर्ग के नाम पर पंजीकृत मोबाइल नंबर से अन्य लोगों को कई धमकी भरे कॉल किए गए हैं और इस संबंध में मुंबई क्राइम ब्रांच में उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
‘नेशनल सीक्रेट एक्ट’ का डर दिखाकर लिखवाया पत्र
इस फर्जी कॉल के तुरंत बाद पुलिस की वर्दी पहने हुए एक व्यक्ति ने व्हाट्सऐप पर किया और खुद को ‘करण शर्मा’ नामक पुलिस अधिकारी बताते हुए वरिष्ठ नागरिक तथा उनकी पत्नी को बुरी तरह धमकाना शुरू कर दिया। इसके कुछ देर बाद ‘आईपीएस समाधान पवार’ बनकर एक अन्य शातिर ठग वीडियो कॉल पर जुड़ा।
उसने प्रसिद्ध उद्योगपति नरेश गोयल का एक फोटो भेजते हुए दावा किया कि वरिष्ठ नागरिक का नाम कथित मनी लॉड्रिग मामले से जुड़ा हुआ है तथा उनके कैनरा बैंक खाते में गैरकानूनी रूप से दो करोड़ रुपये आए है।
शातिर आरोपियों ने बुजुर्ग को कड़ी धमकी दी कि यदि उन्होंने इस तथाकथित की जानकारी किसी को भी दी, तो उन्हें ‘नेशनल सीक्रेट एक्ट’ के तहत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इतना ही नहीं, अपराधियों ने उनसे राष्ट्रीय गोपनीयता बनाए रखने संबंधी एक शपथ पत्र जैसा पत्र भी लिखवा लिया और उसकी तस्वीर व्हाट्सऐप पर मंगवा ली। इसके बाद 13 जुलाई को आरोपियों ने उनके नाम से एक फर्जी गिरफ्तारी वारंट भी भेज दिया और उनकी उम्र का हवाला देते हुए उन्हें केवल ऑनलाइन पूछताछ किए जाने का झांसा दिया।



