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MPID के तहत वर्धा पुलिस का बड़ा एक्शन, ठगी करने वाली कंपनियों की 27 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त

MPID Property Seizure Wardha: वर्धा जिले में निवेशकों और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के उद्देश्य से वर्धा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने महाराष्ट्र जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की है। पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में फर्जी निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों से ठगी करने वाली कंपनियों की चलअचल संपत्तियां जब्त करने के साथ ही उनके बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं।

MPID के तहत वर्धा पुलिस का बड़ा एक्शन, ठगी करने वाली कंपनियों की 27 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त
MPID के तहत वर्धा पुलिस का बड़ा एक्शन, ठगी करने वाली कंपनियों की 27 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त

इस संबंध में महाराष्ट्र शासन द्वारा अधिसूचना भी जारी की गई है। आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार, रामनगर, वर्धा शहर और कारंजा पुलिस थानों में दर्ज तीन मामलों में कुल 4 हजार 538 निवेशक प्रभावित हुए हैं। जांच में इन मामलों में ₹10,10,34,871 की धोखाधड़ी सामने आई है। अब तक आरोपित कंपनियों की ₹27 करोड़ 5 लाख 30 हजार 128 मूल्य की चलअचल संपत्ति जब्त की जा चुकी है तथा 16 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।

रियल एस्टेट निवेश घोटाले में करोड़ों की संपत्ति जब्त

रामनगर पुलिस थाने में दर्ज मामले में गरिमा रियल एस्टेट एंड अलाइड प्रा. लि. गरिमा होम्स एंड फार्म हाउस प्रा. लि. तथा साथी मल्टीस्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी पर 26,49,44,353 की धोखाधड़ी का आरोप है। इस मामले में 2,825 निवेशक प्रभावित हुए हैं। पुलिस ने 13 बैंक खाते फ्रीज किए हैं तथा ₹69,93,598 मूल्य की संपत्ति जब्त की है।

वहीं, में दर्ज सयोग बिल्डर्स एंड रियल एस्टेट प्रा. लि. नांदेड़ से जुड़े मामले में ₹1,11,62,286 की धोखाधड़ी सामने आई है। इसमें 1,083 निवेशक प्रभावित हुए हैं। पुलिस ने कंपनी की 252,73,222 मूल्य की संपत्ति जब्त की है।

कारंजा पुलिस थाने में दर्ज तीसरे मामले में जेएसवी डेवलपर्स इंडिया और जय विनायक बिल्डकॉर्प लिमिटेड पर ₹2,49,28,240 की धोखाधड़ी का आरोप है। इस मामले में 630 निवेशक प्रभावित हुए हैं। पुलिस ने 3 बैंक खाते फ्रीज कर कंपनी की लगभग 225,82,63,318 मूल्य की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस ने की नागरिकों से अपील

पुलिस के अनुसार, जब्त संपत्तियों का संरक्षण, मूल्यांकन और नीलामी की प्रक्रिया शासन द्वारा नियुक्त सक्षम प्राधिकारी की देखरेख में की जा रही है। न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कानूनी प्रावधानों के अनुसार पात्र निवेशकों को उनकी राशि वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।

आर्थिक ने नागरिकों से अपील की है कि अधिक लाभ या ऊंचे रिटर्न का लालच देने वाली किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित संस्था का सरकारी पंजीकरण और वैधता अवश्य जांचें। यदि किसी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, धोखाधड़ी या अवैध जमा योजना की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस थाने या आर्थिक अपराध शाखा को सूचित करें।

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