मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चीन, पाकिस्तान के रास्ते ईरान को मैनपोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम भेज रहा है।

हाल ही में आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चीन, पाकिस्तान के रास्ते ईरान को 300 से 400 मैनपोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम भेजने वाला है। अब खबर पर दोनों देशों ने सफाई दी है। पाकिस्तान और चीन दोनों ने ही इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान ने इन खबरों को बेबुनियाद और सच्चाई से दूर बताया है। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ने इन खबरों का खंडन किया है।
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR ने समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, ऐसी सभी अटकलें बेबुनियाद और सच्चाई से दूर हैं। इन्हें पूरी तरह से खारिज किया जाता है। पाकिस्तानी सेना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
न्यूज एंजेंसी ने किया था दावा
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की बुधवार की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ईरान को कुछ हफ्तों में चीनी एयर डिफेंस सिस्टम की पहली खेप मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, डिलीवरी पश्चिमी चीन के उरुमकी से शुरू होकर पाकिस्तान से होते हुए ईरान पहुंचेगी। लेकिन ये साफ नहीं किया गया कि हथियार हवाई जहाज से जाएंगे या जमीन के रास्ते।
पाकिस्तान की दोहरी नीति
पाकिस्तान इस समय एक मुश्किल संतुलन को साध रहा है। एक तरफ वो चीन के साथ है तो दूसरी तरफ अमेरिका को भी साधने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख को हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी मिला है। इतना ही नहीं पाकिस्तान खुद को ईरान और अमेरिका के बीच पुल के तौर पर पेश कर रहा है।
पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका जंग को रोकने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल 2026 में शुरुआती दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम भी हुआ था।
ये रिपोर्ट्स ऐसे समय पर आईं जब युद्ध की वजह से अमेरिकी हथियारों के भंडार पर दबाव की चर्चा थी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इन चिंताओं को खारिज कर दिया। फिलहाल चीन, पाकिस्तान और ईरान की तरफ से इस डील की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं पाकिस्तान ने साफ कर दिया है कि वो किसी भी तरह के हथियार ट्रांसफर में शामिल नहीं है।



