
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश में हरियाणा से लंपी स्किन डिजीज वायरस ने दस्तक दे दी है। बार्डर से लगे सहारनपुर, बागपत, मथुरा और मुजफ्फरनगर में लंपी से संक्रमित गोवंश मिले हैं। पशुपालन विभाग ने बार्डर क्षेत्रों में रिंग व बेल्ट वैक्सीनेशन करके स्थिति नियंत्रित कर ली है। फिर भी सभी जिलों में अलर्ट जारी किया है।
लंपी स्किन डिजीज वायरस हरियाणा से आने की पुष्टि हुई है। बार्डर से लगे सहारनपुर में पांच गोवंश संक्रमित मिले हैं। मथुरा में चार गोवंश, बागपत में तीन गोवंश व कुछ गोवंश मुजफ्फर नगर में पाए गए। पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर टीमें गठित करके बार्डर से लगे संक्रमित गांवों में गोवंशों का 10 किमी का रिंग वैक्सीनेशन किया गया है। इसमें वायरस वाले गांवों को गोल आकर में कवर करके गाेवंशों का टीकाकरण करते हैं। इससे आगे के गांव में वायरस नहीं बढ़ता है। इसके अलावा बार्डर से लगे सभी गांवों के गोवंशों को बेल्ट वैक्सीनेशन किया है। इससे आगे की तरफ से वायरस गोवंशों को संक्रमित नहीं कर पाएगा। उच्च अधिकारियों ने संक्रमित जिलों का दौरा किया है। निदेशक रोग नियंत्रण डॉ. संगीता तिवारी ने बताया कि वैक्सीनेशन और सतर्कता से स्थिति सामान्य है। सभी जिलों में सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
वर्ष 2023 में 1.11 लाख गोवंश हुए थे संक्रमित
वर्ष 2023 में हरियाणा व राजस्थान से वायरस उत्तर प्रदेश के 32 जिलों में फैला था। 1.11 लाख गोवंश संक्रमित हुए थे। विभाग ने 1.57 करोड़ से अधिक गोवंशों का टीकाकरण करके काबू पाया था। लंपी वायरस गाय, बछिया, बैल, सांड में फैलता है। इससे पूरे शरीर पर गांठें पड़ती हैं, खासकर सिर व गर्दन में गांठें ज्यादा होती हैं जो उपचार न होने पर घाव बन जाती हैं। ये वायरस मच्छर, मक्खियों व खून चूसने वाले कीड़ों से एक से दूसरे पशु में फैलता है। आंख व नाक से पानी आना, मुंह से लार व तेज बुखार से मौत हो जाती है।



