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देश के 3,040 लोग बने ₹104 लाख करोड़ के मालिक! भारत की GDP के 30 फीसदी हिस्से पर सिर्फ इनका कब्जा

भारत के सबसे बड़े वेल्थ क्रिएटर्स के पास अब 104 लाख करोड़ रुपए की पर्सनल वेल्थ है, जो देश की नॉमिनल GDP का लगभग 30 फीसदी है. क्रिसिल इंटेलिजेंस के साथ मिलकर तैयार की गई ‘360 ONE वेल्थ क्रिएटर्स लिस्ट 2026’ में लिस्टेड और अनलिस्टेड होल्डिंग्स में 330 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति का अध्ययन किया गया. अंतिम सूची में 3,040 ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी संपत्ति 425 करोड़ रुपए से ज्यादा है. इन सबकी कुल व्यक्तिगत नेट वर्थ 104 लाख करोड़ रुपए है, जो भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के आकार का लगभग 1.2 गुना है.

देश के 3,040 लोग बने ₹104 लाख करोड़ के मालिक! भारत की GDP के 30 फीसदी हिस्से पर सिर्फ इनका कब्जा

भारत तेज़ी से संपत्ति बना रहा है, लेकिन इसका ज्यादातर हिस्सा अभी भी सबसे ऊपर के लोगों के पास है. अकेले टॉप 10 लोगों के पास लगभग 19.72 लाख करोड़ रुपए हैं, जो सूची की कुल संपत्ति का 19 फीसदी है. टॉप 100 लोगों के पास लगभग 46 फीसदी संपत्ति है, जबकि सूची के निचले आधे हिस्से यानी 1,520 लोगों के पास केवल 9 फीसदी संपत्ति है.

रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि भारत की अमीरों की सूची का स्वरूप बदल रहा है. इसमें अभी भी पुराने बिजनेस परिवारों, इंडस्ट्रियल ग्रुप्स और मुंबई की संपत्ति का दबदबा है. लेकिन अब इसमें ज्यादा महिलाएं, ज्यादा युवा फाउंडर्स, ज्यादा फर्स्टजेनरेशन एंटरप्रेन्योर्स और छोटे शहरों से आने वाली ज्यादा संपत्ति शामिल है.

बिजनेस फैमिलीज और उनकी दौलत

3,040 वेल्थ क्रिएटर्स में से, टॉप 10 लोगों के पास सूची की कुल संपत्ति का लगभग पांचवां हिस्सा है. अंबानी परिवार के सदस्य अनंत, ईशा और आकाश 2026 की सूची में टॉप तीन स्थानों पर हैं, और हर एक के पास 2.75 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है.

यह सूची परिवारों की संपत्ति की बड़ी कहानी भी बताती है. भारत के टॉप 100 परिवारों की कुल नेट वर्थ 76.5 लाख करोड़ रुपए है. टॉप तीन परिवारों में गौतम अडानी और परिवार, मुकेश अंबानी और परिवार, और सुनील भारती मित्तल और परिवार शामिल हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब 12 ऐसे बिजनेस परिवार हैं जिनकी संपत्ति 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है. इस क्लब में अडानी, अंबानी, मित्तल, संघवी, मिस्त्री, नाडर, जिंदल, दमानी, बिड़ला, अग्रवाल, प्रेमजी और मेहता जैसे नाम शामिल हैं.

अंडर 40 वेल्थ क्रिएटर्स की संख्या बढ़ी

इस लिस्ट में 40 साल से कम उम्र के 285 वेल्थ क्रिएटर्स शामिल हैं. उनके पास 14.5 लाख करोड़ रुपए हैं, जो लिस्ट की कुल संपत्ति का लगभग 14 फीसदी है. उनकी औसत संपत्ति 5,094 करोड़ रुपए प्रति व्यक्ति है. 40 साल से कम उम्र के इस ग्रुप में फर्स्ट जेनरेशन के 134 एंटरप्रेन्योर, कई पीढ़ियों से चले आ रहे बिजनेस वाले 149 एंटरप्रेन्योर और दो इन्वेस्टर शामिल हैं. 40 साल से कम उम्र के इन क्रिएटर्स में 51 महिलाएं हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अब जेप्टो के कैवल्य वोहरा और आदित पालिचा जैसे 25 साल से कम उम्र के फाउंडर्स भी हैं, जो दिखाते हैं कि संपत्ति बनाने का समय कितना कम हो गया है. जिन बिजनेस को खड़ा करने में पहले एक पीढ़ी लग जाती थी, वे अब एक दशक से भी कम समय में बड़ी संपत्ति बना रहे हैं.

कम हो रही वेल्थ क्रिएटर्स की उम्र

नई इकोनॉमी वाले वेल्थ क्रिएटर्स की उम्र भी कम है. उनकी मीडियन उम्र 48 साल है, जबकि पुरानी इकॉनमी वाले क्रिएटर्स की मीडियन उम्र 60 साल है. फिर भी, ज्यादा उम्र वाले वेल्थ क्रिएटर्स का दबदबा बना हुआ है. 6080 साल के उम्र वाले ग्रुप में 1,028 लोग हैं, जिनके पास 45.36 लाख करोड़ रुपए हैं, जो लिस्ट की कुल संपत्ति का 43.7 फीसदी है. 60 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के पास कुल मिलाकर 53.07 लाख करोड़ रुपए हैं, जो लिस्ट में शामिल सभी लोगों की कुल संपत्ति का 51.1 फीसदी है.

वेल्थ क्रिएटर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी

अब लिस्ट में शामिल वेल्थ क्रिएटर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 24 फीसदी है. इसमें 738 महिलाएं हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 559 थी. उनके पास कुल संपत्ति का 23 फीसदी हिस्सा, यानी 22.6 लाा करोड़ रुपए हैं. उनकी औसत संपत्ति 3,184 करोड़ रुपए है, जबकि पुरुषों की औसत संपत्ति 3,486 करोड़ रुपए है. लेकिन 40 साल से कम उम्र की महिलाओं की औसत संपत्ति सभी महिला आयु समूहों में सबसे ज्यादा है, जो 6,542 करोड़ रुपए है. रिपोर्ट में रोशनी नाडर मल्होत्रा, रेखा झुनझुनवाला, किरण मजूमदारशॉ, सावित्री जिंदल और मंजू गुप्ता का जिक्र टेक्नोलॉजी, इन्वेस्टमेंट, फार्मा और पारंपरिक बिजनेस घरानों से जुड़ी महिला वेल्थ क्रिएटर्स के उदाहरण के तौर पर किया गया है.

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