MNNIT Professor Dr. Ravindra Kumar Singh: इंजीनियरिंग की पढ़ाई में अंग्रेजी भाषा लंबे समय से हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती रही है। अब इस चुनौती को कम करने की दिशा में प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं पूर्व डीन डॉ. रविंद्र कुमार सिंह ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।

उन्होंने हिंदी में ‘प्रारंभिक विद्युत अभियांत्रिकी’ नामक पुस्तक लिखी है, जिसे संस्थान का दावा है कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में इस तरह की अपनी तरह की पहली हिंदी इंजीनियरिंग पुस्तक माना जा रहा है।
हिंदी माध्यम के छात्रों को मिलेगा बड़ा सहारा
इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले हिंदी माध्यम के छात्रों को पहले वर्ष में तकनीकी विषयों के साथसाथ अंग्रेजी शब्दावली समझने में काफी कठिनाई होती है। कई प्रतिभाशाली छात्र केवल भाषा संबंधी दिक्कतों के कारण अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रो. रविंद्र कुमार सिंह ने करीब एक वर्ष के शोध और परिश्रम के बाद यह पुस्तक तैयार की।
सरल हिंदी में समझाए गए तकनीकी विषय
पुस्तक में विद्युत अभियांत्रिकी की जटिल अवधारणाओं को सरल और सहज हिंदी में समझाया गया है। साथ ही प्रत्येक तकनीकी शब्द के साथ उसका अंग्रेजी शब्द भी कोष्ठक में दिया गया है, ताकि छात्र दोनों भाषाओं में तकनीकी शब्दावली को आसानी से समझ सकें। पुस्तक के अंत में हिंदीअंग्रेजी तकनीकी शब्दों की विस्तृत शब्दावली भी शामिल की गई है।
प्रकाशक नहीं मिला तो खुद कराया प्रकाशन
प्रो. सिंह ने बताया कि हिंदी में की पुस्तक प्रकाशित कराने के लिए कोई प्रकाशक तैयार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने स्वयं पुस्तक का प्रकाशन कराया और इसे ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया, ताकि देशभर के विद्यार्थी इसका निःशुल्क लाभ उठा सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और इंजीनियरिंग जैसी तक उनकी पहुंच अधिक आसान होगी। प्रयागराज से शुरू हुई यह पहल भविष्य में अन्य तकनीकी विषयों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।


