Action Against Asaduddin Owaisi Statement: ‘वंदे मातरम्’ को लेकर दिए गए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के कथित बयान पर ब्रज के साधुसंतों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस मुद्दे को लेकर मथुरा में कई संतों ने अपनी नाराजगी जताते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व
श्रीकृष्ण जन्मभूमिशाही ईदगाह प्रकरण में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति ‘वंदे मातरम्’ नहीं बोल सकता, उसे सरकारी राशन, सरकारी आवास और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश की आजादी के लिए लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ संघर्ष किया था। ऐसे में राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
संत महेंद्र रामदास ने की ओवैसी के बयान की आलोचना
वहीं ब्रज के संत महेंद्र रामदास महाराज ने भी ओवैसी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि जिन्हें ‘ या ‘भारत माता की जय’ बोलने में आपत्ति है, उन्हें भारत में रहने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
गौरतलब है कि पर ओवैसी के एक बयान का वीडियो व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि वह ‘वंदे मातरम्’ नहीं बोल सकते और अल्लाह के अलावा किसी के सामने नहीं झुक सकते। इस बयान के वायरल होने के बाद विभिन्न वर्गों की ओर से अलगअलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, इस पूरे विवाद पर ओवैसी की ओर से कोई नया आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। वहीं, इस विषय को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है।



