Chhatrapati Sambhajinagar Bike Theft: छत्रपति संभाजीनगर शहर से चुराई गई मोटरसाइकिलों को सिर्फ 5 से 6,000 रुपये में कन्नड़ तहसील के साथियों को बेचने के बाद उसकी पुनः ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 हजार रुपये में बिक्री करने वाले गिरोह का सिडको पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने शातिर वाहन चोर सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 28 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को 10 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजने की जानकारी पुलिस निरीक्षक अतुल येरमे ने दी।
हत्थे चढ़े आरोपियों की शिनाख्त योगेश गाडेकर , कार्तिक पवार , सौरभ वाघचौरे व राहुल बोरसे के रूप में हुई है। इनमें अंतिम तीनों आरोपी कन्नड़ तहसील निवासी हैं। पीआई येरमे ने बताया कि, हसूल निवासी संजय बडक की बाइक चोरी के प्रकरण की जांच के दौरान करीब 50 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
हत्थे चढ़े आरोपियों को कोर्ट ने 10 तक पुलिस रिमांड पर भेजा
सिटी चौक क्षेत्र क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी चोरी करते हुए दिखाई देने के बाद पुलिस ने उस पर नजर रख दबोच लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी योगेश ने स्वीकार किया कि वह शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बाइक चुराता था।
कुछ वाहन अपने पास रखता था, जबकि बाकी को बेचने के लिए कन्नड़ तहसील में अपने सहयोगयों के पास भेजता था। ने कार्रवाई कर कार्तिक, सौरभ व राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 17 बाइक जब्त कर लीं।
यही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बेची जा चुकी 8 व पहले जब्त की गई 3 मोटरसाइकिलों संग चोरी की कुल 28 बाइक जब्त कर ली। यह कार्रवाई पीआई येरमे के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अनिल नाणेकर, अमोल जगताप, हवलदार मंगेश पवार व पुलिसकर्मियों सहदेव साबले, अमोल अंभोरे, प्रदीप फरकाड़े व अतुल सोलुके ने की।
नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे चोरी
पीआई येरमे ने बताया कि मुख्य आरोपी योगेश गाडेकर नशे का आदी है व नशे के लिए पैसों की व्यवस्था करने के उद्देश्य से शहर में बाइक चुराता था। खरीदारों से कहा जाता था कि पैसों की जरूरत है व वाहन के दस्तावेज बाद में दिए जाएंगे।
योगेश एक शातिर वाहन चोर है व उसके खिलाफ पहले से 5 से 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले वर्ष भी उसके कब्जे से 15 से 16 चोरी की बाइक जब्त की गई थीं। पीआई येरमे ने बताया कि, गाडेकर चोरी की मोटरसाइकिलें के आवर्याला क्षेत्र में भेजता था।
वहां 12वीं तक पढ़े कार्तिक पवार, 10वीं तक शिक्षित और गैराज संचालक सौरभवाघचौरे व चालक राहुल कम कीमत पर चोरी की मोटरसाइकिलें ग्रामीण ग्राहकों को बेचकर मुनाफा कमाते थे।



