Taj MahalTejo Mahalaya Controversy: सावन के पहले सोमवार पर ताजमहल एक बार फिर “तेजोमहालय” विवाद को लेकर सुर्खियों में आ गया। अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में महिलाओं का एक जत्था करीब 150 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा पूरी कर गंगाजल लेकर ताजमहल के पश्चिमी गेट पहुंचा। संगठन का दावा था कि ताजमहल वास्तव में “तेजोमहालय” अर्थात भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है और वे अपने आराध्य महादेव को गंगाजल अर्पित करने आए हैं।

ताजमहल परिसर के पश्चिमी गेट पर भारी पुलिस बल तैनात
ताजमहल परिसर के पश्चिमी गेट पर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। जैसे ही कांवड़ियों ने प्रवेश का प्रयास किया, उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और हिंदू महासभा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और हल्की झड़प भी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने किसी भी कार्यकर्ता को ताजमहल परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया।
पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ताजमहल से किया प्रस्थान
इससे पहले मीरा राठौर और उनकी टोली ने आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर स्थापित ताजमहल के मॉडल की आरती भी की थी। सुबह करीब आठ बजे ताजमहल के पश्चिमी गेट पहुंची मीरा राठौर ने घोषणा की कि जब तक वह “तेजोमहालय” में अपने महादेव को गंगाजल अर्पित नहीं कर लेंगी, तब तक न तो अन्न ग्रहण करेंगी और न ही जल की एक बूंद पिएंगी।
हालांकि पुलिस अधिकारियों द्वारा काफी देर तक समझानेबुझाने के बाद उन्होंने अपनी टोली के साथ ताजमहल से प्रस्थान किया और बाद में राजेश्वर महादेव मंदिर की ओर रवाना हो गईं, जहां कांवड़ यात्रा का समापन किया गया।
पूरे सावन माह “तेजोमहालय” में गंगाजल अर्पित करने का करते रहेंगे प्रयास
“नव भारत” से विशेष बातचीत में मीरा राठौर ने कहा कि यह सावन का पहला सोमवार है और अभी कई सोमवार बाकी हैं। उनका कहना था कि वे इस पूरे सावन माह में हरसंभव प्रयास करेंगी कि कांवड़ लेकर “तेजोमहालय” पहुंचें और महादेव को गंगाजल अर्पित करें।
इस दौरान राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष अज्जू चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जब ताजमहल में विभिन्न वर्गों के लोगों को प्रवेश की अनुमति मिलती है तो हिंदुओं को अपने आराध्य के प्रति आस्था प्रकट करने से क्यों रोका जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि ताजमहल और “तेजोमहालय” से जुड़ा विवाद विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन रहा है। ताजमहल को संरक्षित स्मारक के रूप में संचालित करता है और स्मारक परिसर में धार्मिक गतिविधियों को लागू नियमों के अनुसार नियंत्रित किया जाता है।


