चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। 10 अगस्त तक चलने वाला यह सत्र मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के मौजूदा कार्यकाल का अंतिम मानसून सत्र है। सत्र की शुरुआत दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस दौरान नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण से जुड़े उन विद्यार्थियों को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने कथित तौर पर इस मामले के कारण अपनी जान गंवाई।

विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि केंद्र सरकार को अपनी परीक्षा व्यवस्था और तंत्र को अधिक मजबूत बनाना चाहिए, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है और छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। पहले दिन सरकार पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर संशोधन विधेयक, 2026 भी सदन में पेश कर सकती है।
इस बार का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा समेत विपक्षी दल कानूनव्यवस्था, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े कानून, पेपर लीक, नशे के बढ़ते कारोबार, किसानों की समस्याओं और राज्य पर बढ़ते कर्ज जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुके हैं। ऐसे में आगामी दिनों में सदन में तीखी बहस और जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।


