CricketIndia

चाणक्य के अनुसार ऐसे लोग जीवनभर झेलते हैं कंगाली, लाख कोशिशों के बाद भी खाली रहती है तिजोरी!

चाणक्य के अनुसार ऐसे लोग जीवनभर झेलते हैं कंगाली, लाख कोशिशों के बाद भी खाली रहती है तिजोरी!

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को भारतीय इतिहास के सबसे कुशल कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और मार्गदर्शक के रूप में जाना जाता है. उनकी सूझबूझ और चाणक्य नीति आज के आधुनिक दौर में भी प्रासंगिक है. चाणक्य ने धन और वैभव प्राप्त करने के साथ-साथ उन कारणों का भी सूक्ष्म विश्लेषण किया है, जो व्यक्ति को कंगाली की ओर धकेलते हैं. आचार्य के अनुसार, गरीबी सिर्फ भाग्य का खेल नहीं है, बल्कि व्यक्ति की कुछ आदतें उसे दरिद्रता के जाल में फंसाए रखती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं चाणक्य नीति के अनुसार कौन से हैं वे अवगुण जो व्यक्ति के अमीर बनने के सारे रास्ते बंद कर देते हैं.

निरर्थक बहस और मूर्खों को ज्ञान देना
आचार्य चाणक्य का मानना था कि समय ही सबसे बड़ा धन है. जो व्यक्ति उन लोगों को समझाने या सुधारने में अपना समय नष्ट करते हैं जिनमें समझने की क्षमता नहीं है (मूर्ख), वे अपने जीवन की प्रगति के अवसरों को खो देते हैं. समय की इस बर्बादी के कारण ऐसे लोग आर्थिक रूप से पिछड़ जाते हैं और धन कमाने के उचित समय को गंवा बैठते हैं.

दूसरों पर निर्भरता
जो व्यक्ति अपने छोटे-बड़े कार्यों के लिए दूसरों का मुंह ताकते हैं, वे कभी आत्मनिर्भर और समृद्ध नहीं हो सकते. चाणक्य के अनुसार, स्वावलंबन ही उन्नति की पहली सीढ़ी है. जो इंसान दूसरों के भरोसे अपनी नाव चलाता है, वह जीवन के मझधार में ही फंस जाता है. ऐसे लोगों का आत्मविश्वास कम होता है, जिससे वे बड़े व्यापारिक या आर्थिक निर्णय लेने में अक्षम रहते हैं और दरिद्रता का शिकार होते हैं.

वाणी का दोष या कठोर वचन
हिंदू धर्म और चाणक्य नीति दोनों में ही वाणी को बहुत महत्व दिया गया है. चाणक्य कहते हैं कि जिस व्यक्ति की जुबान पर मिठास नहीं होती और जो सदैव दूसरों का दिल दुखाने वाली बातें करता है, उस पर मां लक्ष्मी की कृपा कभी नहीं होती. कड़वी बोली न केवल रिश्ते खराब करती है, बल्कि व्यापार और करियर में मिलने वाले सहयोग के द्वार भी बंद कर देती है.

आलस्य को ना छोड़ना
आलस्य को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है. चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति आज के काम को कल पर टालता है और प्रमाद में डूबा रहता है, वह कभी भी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त नहीं कर सकता. आलसी व्यक्ति के पास अवसर आते तो हैं, लेकिन वह उन्हें पहचान नहीं पाता. ऐसे लोगों का पूरा जीवन आर्थिक तंगी और संघर्षों में ही बीत जाता है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply