
शुक्लागंज/उन्नाव/अमृत विचार। पश्चिमी बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने से गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को भी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई और शाम तक यह चेतावनी बिंदु 112 मीटर से मात्र 36 सेंमी नीचे पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर से शुक्लागंज के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। जिससे निचले इलाकों के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार शाम 6 बजे गंगा का जलस्तर 111.230 मीटर था। जो सोमवार दोपहर 12 बजे बढ़कर 111.540 मीटर पहुंच गया। इसके बाद दोपहर 2 बजे 111.590 मीटर व शाम 6 बजे 111.640 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
इस प्रकार बीते 24 घंटे में जलस्तर में 41 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ा तो जल्द ही चेतावनी बिंदु पार होने की आशंका है। बढ़ते जलस्तर का असर मोहल्ला गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर आदि तटीय बस्तियों में दिखने लगा है। कई घरों के चारों ओर बाढ़ का पानी भर गया है। जिससे लोगों को आनेजाने में परेशानी हो रही है।
उधर बैराज के सभी गेट खुले होने से नदी का प्रवाह भी तेज हो गया है। संभावित बाढ़ देख मिश्रा कॉलोनी स्थित बाढ़ राहत केंद्र भी खोल दिया गया है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाने व किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की है।



