
IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सीजन से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. 2026 के पहले महीने में उसके हाथ जैकपॉट लगा है. भारतीय क्रिकेट के साथ आपने बड़े-बड़े देखे होंगे. उसके साथ टायर बनाने वाली, बेवरेज और फैंटेसी गेमिंग कंपनियों का जुड़ाव रहा है. अब इस लिस्ट में एक नई एंट्री होने वाली है. हालांकि, यह कोई फिजिकल प्रोडक्ट नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है.
आईपीएल से जुड़ा जेमिनी
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल का AI प्लेटफॉर्म जेमिनी आईपीएल में लगभग 270 करोड़ रुपये के तीन साल के एग्रीमेंट के साथ स्पॉन्सर के तौर पर शामिल हो गया है. यह डील इंडियन क्रिकेट स्पॉन्सरशिप में AI कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी को दिखाती है. हालांकि, एग्रीमेंट की सही शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं. उम्मीद है कि इस डील से जेमिनी को IPL की सभी जगहों पर ब्रांडिंग विजिबिलिटी मिलेगी. इसमें पिच के किनारे के होर्डिंग्स और मीडिया बैकड्रॉप शामिल हैं.
चैटजीपीटी ने मारी थी एंट्री
यह पार्टनरशिप पिछले साल के आखिर में चैटजीपीटी के क्रिकेट एडवरटाइजिंग में आने के बाद हुई है. चैटजीपीटी लगभग 16 करोड़ रुपये की दो साल की डील के तहत विमेंस प्रीमियर लीग का स्पॉन्सर बना था. भारत की हाल ही में महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीत के बाद महिलाओं के मैचों में दिलचस्पी बहुत बढ़ गई है. इससे वे उन ब्रांड्स के लिए ज्यादा आकर्षक हो गए हैं जो तेजी से बढ़ते और ज्यादा जुड़े हुए दर्शकों तक पहुंचना चाहते हैं. खास बात यह है कि जेमिनी 2025 में आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए ग्लोबल पार्टनर भी था.
कैनवा को मिली थी हार
AI ब्रांड्स हाई-प्रोफाइल क्रिकेट स्पॉन्सरशिप के लिए जानी-मानी कंपनियों के साथ तेजी से मुकाबला कर रहे हैं. 2024 में डिजाइन प्लेटफॉर्म कैनवा ने बीसीसीआई की शर्ट स्पॉन्सरशिप के लिए 554 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, लेकिन वह अपोलो टायर्स से हार गया. अपोलो टायर्स ने 2025-2028 साइकल के लिए 579 करोड़ रुपये में अधिकार हासिल कर लिए थे.
आईपीएल के रिकॉर्डतोड़ दर्शक
IPL 2025 ने पूरे सीजन के दौरान टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलाकर लगभग एक अरब दर्शकों तक पहुंच बनाई थी. यह IPL के इतिहास में सबसे बड़े दर्शकों में से एक है. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पूरे सीजन में कुल दर्शक संख्या लगभग 1.19 अरब थी. AI प्लेटफॉर्म स्पोर्ट्स एडवरटाइजिंग में दिलचस्पी बनाए रखने में फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसी भूमिका निभा सकते हैं. जब दूसरी ज्यादा खर्च करने वाली कैटेगरी पीछे हट गई हैं, तो एडवरटाइजिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर क्रिकेट की अपील और भी बढ़ गई है.
सरकार के एक फैसले के बाद पलटा खेल
सरकार द्वारा रियल-मनी गेमिंग और फैंटेसी स्पोर्ट्स पर बैन लगाने से मार्केट से अनुमानित 7,000 करोड़ रुपये का एडवरटाइजिंग खर्च कम हो गया, जिससे खासकर टेलीविजन और डिजिटल स्पोर्ट्स एडवरटाइजिंग पर असर पड़ा. भारत को एक प्रमुख ग्रोथ मार्केट के तौर पर देखते हुए AI प्लेटफॉर्म ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचने और यूज़र को जोड़ने के लिए क्रिकेट की ओर रुख कर रहे हैं.



