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E-20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन हुए खराब, पंजाब विधानसभा में CM मान का दावा, 45 हजार वाहनों पर हुई स्टडी

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का मुद्दा जोरशोर से उठा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से बड़ी संख्या में वाहनों के माइलेज और इंजन पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक निजी संस्था के सर्वे में ऐसे संकेत मिले हैं, इसलिए इस नीति की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच कराई जानी चाहिए।

E-20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन हुए खराब, पंजाब विधानसभा में CM मान का दावा, 45 हजार वाहनों पर हुई स्टडी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि एथेनॉल मिक्स यानी E20 पेट्रोल से 67% गाड़ियों का माइलेज घट गया और 47% गाड़ियों के इंजन खराब हो गए। उन्होंने मंगलवार को पंजाब विधानसभा के मानसून सेशन के दूसरे दिन एक संस्था लोकल सर्किल की 45 हजार गाड़ियों पर किए गए सर्वे का हवाला दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि E20 ईंधन को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन और विशेषज्ञों की राय सार्वजनिक नहीं की गई। उनका कहना था कि जिन वाहनों को मूल रूप से E10 ईंधन के अनुरूप तैयार किया गया था, उन्हें अचानक E20 के दायरे में लाया गया। उन्होंने उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल दोनों का विकल्प उपलब्ध कराने की भी मांग की। इसके बाद सदन में इस संबंध में प्रस्ताव पेश किया गया।

एथेनॉल बनाने वाले भी सदन में बैठे 
प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पुराने वाहनों पर E20 के प्रभाव का विस्तृत अध्ययन कराया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि उपभोक्ताओं को एथेनॉलमुक्त पेट्रोल का विकल्प मिले और यदि किसी वाहन को नुकसान होता है तो उसके लिए मुआवजे की व्यवस्था पर भी विचार किया जाए। चीमा ने बिना नाम लिए कहा कि एथेनॉल बनाने वाले भी सदन में बैठे हैं।

कर्मयोगी हूं, लुटेरा नहीं राणा गुरजीत
इस पर कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि उन्हें व्यक्तिगत नुकसान की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में एथेनॉल पर प्रयोग कोई नया नहीं है और इसका परीक्षण वर्षों से चल रहा है। उनका तर्क था कि एथेनॉल उत्पादन से किसानों, विशेषकर मक्का उत्पादकों को बेहतर मूल्य मिल रहा है और यदि सरकार इसे बंद करना चाहती है तो स्पष्ट नीति अपनाए।

बहस के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां की एक शायरी भी चर्चा का विषय बनी। उन्होंने राजनीतिक संदर्भ में कहा कि “जो सच और झूठ में दूरी है, वो दूरी समझते हैं… डकैती को बहुत से लोग मजदूरी समझते हैं।” उनके इस वक्तव्य पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

E20 पेट्रोल को लेकर हुई इस बहस ने राज्य में एथेनॉल नीति, वाहन उपभोक्ताओं के हित और किसानों की आय के बीच संतुलन बनाने के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया।

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